कानपुर देहात।
कानपुर देहात के मैथा तहसील क्षेत्र के मड़ौली पंचायत के चालहा गांव में ग्राम समाज की जमीन से कब्जा हटाने पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की टीम के सामने कब्जेदार की झोपड़ी में संदिग्ध हालत में आग लग गई। अपना आशियाना जलता देख मां-बेटी झोपड़ी में घुस गईं। दोनों को बचाने के प्रयास में गृहस्वामी व रुरा थाना प्रभारी झुलस गए।
बता दें कि राजस्व विभाग की टीम ग्राम समाज की जमीन को खाली करा रही थी। उसी दौरान कब्जेदार कृष्णगोपाल दीक्षित की झोपड़ी में एकाएक आग लग गई। यह देख कृष्णगोपाल दीक्षित की पत्नी प्रमिला दीक्षित (45) और बेटी शिवा (22) दौड़कर झोपड़ी में घुस गईं। दोनों को लपटों के बीच घिरा देख कृष्णगोपाल दीक्षित व रुरा थाना प्रभारी दिनेश गौतम दौड़े। दोनों मां-बेटी को बचाने के कोशिश में झुलस गए।
आग से मां-बेटी की मौत से गुस्साए परिवार व गांव के लोगों ने हंगामा करते हुए लेखपाल अशोक सिंह पर कुल्हाड़ी से हमला कर घायल कर दिया। लोगों का आक्रोश देख टीम ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई। घटना की सूचना पाकर डीएम व एसपी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। आक्रोशित डीएम, एसडीएम व थाना प्रभारी रुरा पर एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर हंगामा करते हुए शव को नहीं उठाने दिया।
गौरतलब है कि डीएम नेहा जैन सोमवार को अपने कार्यालय जनसुवाई कर रही थीं। उसी दौरान मड़ौली गांव के कुछ लोग डीएम कार्यालय पहुंचे। उन लोगों ने डीएम से गांव के ही कृष्णगोपाल दीक्षित के खिलाफ ग्राम समाज की भूमि पर कब्जा करने की शिकायत की। डीएम ने शिकायती पत्र पर एसडीएम को मौके पर जाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। दोपहर में एसडीएम मैथा ज्ञानेश्वर प्रसाद, लेखपाल अशोक सिंह के अलावा राजस्व व पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।