बलरामपुर। सनातन नववर्ष की पूर्व संध्या पर नगर में आर्य वीर-वीरांगनाओं द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई। देशभक्ति और सांस्कृतिक चेतना से ओत-प्रोत इस यात्रा में “हम अब अंग्रेजों के नहीं गुलाम” और “हवन से मनाएंगे नववर्ष” जैसे नारों के साथ युवाओं ने शक्ति प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान बरेली से आए पंडित भानु प्रकाश शास्त्री ने देशभक्ति गीत “भारत मां शेरावाली है” प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को भाव-विभोर कर दिया। वहीं हरिद्वार से आए स्वामी वेदामृतानंद ने सनातन नववर्ष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसके ऐतिहासिक और धार्मिक पक्षों की जानकारी दी।
भजन-प्रवचन के उपरांत ओम ध्वज के साथ आर्य वीरों ने नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए शोभायात्रा निकाली। इस दौरान शामली से आए राजकुमार आर्य और बहराइच के सत्यनारायण आर्य के निर्देशन में प्रशिक्षित युवाओं ने बलिदानी पार्क, पंडित केशव राम शुक्ला चौराहा, सिटी पैलेस, मेजर चौराहा, पुराना चौक, वीर विनय चौक और तुलसी पार्क सहित सात प्रमुख स्थानों पर लाठी, लेझियम, डंबल, पिरामिड और मानव पुल जैसे हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया।
तुलसी पार्क में ध्वज अवतरण गीत के साथ शोभायात्रा का समापन हुआ। इसके बाद सनातन सहभोज का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान आर्य विद्वानों ने आर्य वीर-वीरांगनाओं और मीडिया कर्मियों को सम्मान पत्र देकर सम्मानित भी किया।

शोभायात्रा का नेतृत्व स्वामी ओमानंद, राम फेरन मिश्र, चंद्रकेतु आर्य, राजेश कुमार मिश्रा, सुरेश कुमार मिश्रा, मनोज मिश्रा, राम मणि सोनकर और सहज राम गिरी ने किया। कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम संयोजक आर्यवीर दल उत्तर प्रदेश के प्रचार मंत्री आर्य अशोक तिवारी ने बताया कि इस वर्ष विशेष कारणों से डीएवी इंटर कॉलेज, बलरामपुर में प्रशिक्षण शिविर नहीं लग सका, इसलिए गुरुकुल श्रावस्ती में शिविर आयोजित किया गया, जहां बच्चों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर शानदार प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि केवल सोशल मीडिया के माध्यम से सूचना मिलने के बावजूद बड़ी संख्या में सनातन प्रेमियों का एकत्र होना सांस्कृतिक जागरण का प्रमाण है। अंत में उन्होंने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

