लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा आयोजित ‘समता मार्च’ को बुधवार को प्रशासन ने गेट नंबर-3 पर रोक दिया। छात्र डीएम कार्यालय तक शांतिपूर्ण मार्च कर ज्ञापन देने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया, जिसके चलते मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मार्च के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। कुछ छात्रों को हिरासत में लिए जाने की भी बात सामने आई है। हालांकि प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाने की बात कही जा रही है।
छात्र यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन के प्रभावी क्रियान्वयन और रोहित एक्ट बनाए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। उनका कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाना चाहते थे, लेकिन उन्हें रोका गया।
इस दौरान विभिन्न छात्र संगठनों के पदाधिकारियों ने घटना पर नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद पुलिस का व्यवहार सख्त रहा, जो लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ है।

वहीं, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि बिना अनुमति जुलूस निकालने पर रोक लगाना आवश्यक था, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न फैले।
फिलहाल, घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मामले को लेकर छात्रों और प्रशासन के बीच आगे भी बातचीत की संभावना जताई जा रही है।

