बलरामपुर। बलरामपुर जिले सहित नगर क्षेत्र में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। जिलाधिकारी विपिन जैन ने कार्यभार संभालते ही स्पष्ट कर दिया था कि अब न तो जाम की समस्या बर्दाश्त की जाएगी और न ही नालों पर कब्जा। इसी प्राथमिकता के तहत नगर में व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरुआत कर दी गई। इस अभियान के अंतर्गत मुख्य हाईवे, बाजार और प्रमुख मार्गों को शामिल किया गया। प्रशासन द्वारा पहले से तय शेड्यूल के अनुसार लगातार बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है। इसका असर भी साफ नजर आने लगा है। कई अतिक्रमणकारियों ने स्वयं ही अपने अवैध निर्माण हटाने शुरू कर दिए हैं, जबकि जो अब भी नहीं मान रहे, उनके खिलाफ बुलडोजर नगर के अलग-अलग हिस्सों में दहाड़ता नजर आ रहा है। इसी बीच नगरवासियों को जब यह लगने लगा था कि बुलडोजर की कार्रवाई कुछ दिनों में थम जाएगी, तभी नगर पालिका अध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ के सद्भावना आवाज़ डिजिटल माध्यम से दिए गए नए बयान ने सबको चौंका दिया। उन्होंने साफ कहा कि यह अभियान अभी और तेज होगा। नगर पालिका अध्यक्ष ने बताया कि बुलडोजर की कार्रवाई केवल बाजारों के मुख्य मार्गों और चौड़ी सड़कों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अब संकरी गलियों और आवासीय इलाकों तक भी पहुंचेगी। पुराने रोस्टर के अनुसार 13 जनवरी को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का अंतिम दिन माना जा रहा था, लेकिन अब इसके लिए नया रोस्टर तैयार किया जाएगा। यह अभियान मार्च तक जारी रहने की संभावना है और जब तक जनता स्वयं जागरूक नहीं होती, तब तक कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि वार्डों और मोहल्लों में अवैध निर्माण के कारण बड़ी गाड़ियों की बात तो दूर, आपात स्थिति में ई-रिक्शा, एम्बुलेंस, मोटरसाइकिल तक निकलना मुश्किल हो जाता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। नगर पालिका अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि नगर के 25 वार्डों को सुव्यवस्थित और सुंदर बनाने के लिए अतिक्रमण हटाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके बिना न तो सफाई व्यवस्था दुरुस्त हो सकती है और न ही नगर की अन्य समस्याओं का स्थायी समाधान संभव है।

नोटिस और जुर्माने का भी चलेगा सिलसिला
अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान यह सामने आया है कि नगर में बड़ी संख्या में लोगों ने नालों और नालियों पर पक्का निर्माण कर रखा था। कई स्थानों पर नालियों के ऊपर शौचालय, नालों पर मकान और बरामदे बना दिए गए थे, जिससे नाले पूरी तरह समाप्त होने की स्थिति में पहुंच गए थे। परिणामस्वरूप बरसात या जलनिकासी के समय नालों का पानी लोगों के घरों में घुसने लगा था। प्रशासन द्वारा ऐसे अतिक्रमणकारियों को अल्टीमेटम देते हुए 72 घंटे का नोटिस थमाया जा रहा है। नोटिस में स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर यदि कब्जा नहीं हटाया गया, तो प्रशासन को मजबूरन बुलडोजर कार्रवाई करनी पड़ेगी। इस कार्रवाई में आने वाला पूरा खर्च भी संबंधित अतिक्रमणकारियों से ही वसूला जाएगा। नगर पालिका अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ ने बताया कि जो लोग कार्रवाई के बाद दोबारा नालियों को लोहे की चादरों, जालियों या अन्य साधनों से ढककर कब्जा करने की दुबारा कोशिश कर रहें है, उनके खिलाफ जुर्माना लगाया जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दुकानों और मकानों से आने-जाने के लिए केवल आवश्यक रास्ता ही छोड़ा जाएगा। इसके अतिरिक्त नालियों या नालों पर किसी भी प्रकार का नया निर्माण करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
छोटे ठेले और मांस की दुकानों को अल्टीमेटम
नगर के मुख्य बाजारों में लगने वाले छोटे ठेले और मांस की दुकानों को अध्यक्ष की ओर से सख्त अल्टीमेटम जारी किया गया है। बताया गया है कि मुख्य बाजारों में फल मंडी और सब्जी के ठेले पूरे दिन आवागमन बाधित करते हैं। कई स्थानों पर दुकानों के सामने ठेले लगाए जाते हैं, जिससे बाजार में जाम की स्थिति बनी रहती है और दुकानदारों द्वारा मनमाने ढंग से वसूली किए जाने की शिकायतें भी सामने आती हैं। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब मुख्य बाजारों में किसी भी स्थिति में ठेले नहीं लगाए जाएंगे। साथ ही व्यापारी समाज से भी अपील की गई है कि वे अपनी दुकानों के सामने ठेले न लगने दें। सभी ठेला संचालकों को केवल वेंडिंग जोन में ही ठेले लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि नगर में लगने वाले जाम की समस्या को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। नगर पालिका अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ ने बताया कि गर्ल्स कॉलेज से पानी टंकी रोड तक लगने वाली मांस और मछली की दुकानों को भी वहां से हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मार्ग से महिलाओं और बच्चों का आवागमन अधिक रहता है, लेकिन दुकानों के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि ठेला संचालकों के लिए नगर पालिका द्वारा अलग-अलग वेंडिंग जोन विकसित किए जा रहे हैं। फल बेचने वालों के लिए अलग फल मंडी बनाई जा रही है, जबकि मांस बेचने वालों के लिए भी अलग बाजार विकसित किया जा रहा है, जहां भविष्य में मांस की सभी दुकानें संचालित होंगी। नगर पालिका अध्यक्ष ने बताया कि हर सड़क पर वेंडिंग जोन बनाने की तैयारी चल रही है। इसके साथ ही नगर पालिका द्वारा 625 दुकानों का निर्माण कराया जा रहा है। जो ठेला संचालक वेंडिंग जोन में स्थानांतरित होंगे, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ये दुकानें आवंटित की जाएंगी।

शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भी प्रशासन के रडार पर
नगर में बने अवैध, मानक-विहीन और निर्माणाधीन शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भी अब प्रशासन के रडार पर आ गए हैं। ऐसे कई कॉम्प्लेक्स हैं जिनमें न तो सुरक्षा मानकों का पालन किया गया है, न ही फायर सेफ्टी और आपातकालीन व्यवस्था उपलब्ध है। इसके अलावा अनेक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में पार्किंग की समुचित व्यवस्था भी नहीं की गई है। बताया गया है कि कई कॉम्प्लेक्स हाल ही में बनाए गए हैं या अभी निर्माणाधीन हैं, लेकिन उन्होंने नियमों और निर्धारित मानकों को दरकिनार करते हुए निर्माण कार्य पूरा कर लिया है या कर रहे हैं। नगर पालिका अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ ने बताया कि नगर पालिका द्वारा ऐसे सभी अवैध और मानक-विहीन शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की सूची तैयार की जा रही है। यह सूची शीघ्र ही जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी, जिसके बाद इनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अतिक्रमणकारियों के लिए अब कोई राहत नहीं
बलरामपुर में प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब अतिक्रमणकारियों के लिए कोई ढिलाई नहीं होगी। बुलडोजर का गुर्राहट नगर में हर स्तर पर महसूस की जा रही है। आने वाले दिनों में कार्रवाई और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।नगर पालिका प्रशासन ने शनिवार को अवैध अतिक्रमण के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया। नगर पालिका कार्यालय से महिला अस्पताल, फर्राशखाना होते हुए आरसी गुप्ता की दुकान तक सड़क किनारे किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया। जेसीबी मशीन से छज्जे, चबूतरे, सीढ़ियां और अन्य स्थायी-अस्थायी निर्माण ध्वस्त किए गए। लगातार चलती जेसीबी से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानों पर तनाव की स्थिति भी बनी। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका पर भेदभाव के आरोप लगाए और कहा कि छोटे दुकानदारों पर कार्रवाई हुई, जबकि प्रभावशाली लोगों के निर्माणों को नहीं छुआ गया। स्थिति बिगड़ने पर अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर मामला शांत कराया। इसके बाद अभियान दोबारा शुरू हुआ।

