बलरामपुर। जिले के पचपेड़वा विकासखंड स्थित राजकीय आश्रम पद्धति बालिका इंटर कॉलेज, विशुनपुर विश्राम में आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर विवाद तेज हो गया है। आरोप है कि विद्यालय में 25 दिसंबर को प्रभारी प्रधानाचार्य पल्लवी सचान द्वारा छात्राओं से ईसाई धर्म से संबंधित भाषण, नृत्य और चित्रकला प्रतियोगिताएं कराई गईं, जो स्थानीय थारू संस्कृति और सनातन परंपराओं के अनुरूप नहीं थीं।
समाज कल्याण विभाग और जनजाति विकास विभाग द्वारा संचालित इस विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम पर सनातन संगठनों और छात्र संगठनों ने आपत्ति जताते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि यह आयोजन प्रायोजित तरीके से किया गया, जिससे क्षेत्र की सांस्कृतिक भावनाएं आहत हुई हैं। उल्लेखनीय है कि यही क्षेत्र थारू संस्कृति के संरक्षण के लिए जाना जाता है और यहां थारू संग्रहालय भी स्थापित है।
ज्ञापन सौंपने वालों में सेवा भारती के जिलाध्यक्ष रूपेश कुमार मिश्रा, अम्बुज भार्गव और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारी शामिल थे। उन्होंने मांग की कि प्रभारी प्रधानाचार्य को तत्काल प्रभाव से प्रशासनिक दायित्वों से मुक्त किया जाए। वरना थारू समाज और सनातन संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
रूपेश कुमार मिश्रा ने कहा, “विद्यालय में एक भी छात्रा ईसाई धर्म को मानने वाली नहीं है। ऐसे में इस तरह का कार्यक्रम कराना मुख्यमंत्री की मंशा के विपरीत है और इससे स्थानीय सांस्कृतिक भावनाएं ठेस पहुंची हैं।”
वहीं, प्रभारी प्रधानाचार्य पल्लवी सचान ने इस पूरे मामले पर अपनी सफाई दी। उनका कहना है कि स्कूल में क्रिसमस डे और सुशासन दिवस के अवसर पर केवल पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। उन्होंने बताया कि विद्यालय बच्चों के सर्वांगीण विकास का केंद्र है और इसमें उन्हें देश की विविध संस्कृतियों और त्योहारों की जानकारी मिलनी चाहिए।
प्रधानाचार्य पल्लवी सचान ने आगे कहा, “भारत विविधताओं का देश है और यही इसकी सबसे बड़ी विशेषता है। बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। सभी धर्मों के तीज-त्योहारों के बारे में जानकारी होना उनके सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है।”
स्थानीय लोग भी इस विवाद को लेकर दो राय में बंटे हुए हैं। कुछ का कहना है कि बच्चों को अलग-अलग संस्कृतियों और त्योहारों से परिचित कराना जरूरी है, जबकि कुछ ने इसे स्थानीय संस्कृति के विरोध में बताया। प्रशासन ने फिलहाल मामले की जांच का आश्वासन दिया है और कहा है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर उचित कार्रवाई की जाएगी।



