बलरामपुर। पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में दो शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया गया है।पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत सादुल्लानगर थाना पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान देवा तिवारी (निवासी बलरामपुर) और दीपक कुमार शुक्ला (निवासी गोण्डा) के रूप में हुई है। इन्हें संकटा चौराहा,सादुल्लानगर के पास से पकड़ा गया।घटना में उपयोग एंड्रॉइड मोबाइल फोन और कूटरचित दस्तावेज बरामद हुए हैं। दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय भेज दिया गया है।
लाखों की ठगी का गिरोह दबोचा
एसपी विकास कुमार ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से साइबर ठगी को अंजाम देता था। आरोपी सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों का उपयोग कर ग्राहकों को सस्ते दरों पर ट्रांसपोर्ट और गुड्स कैरियर सेवाओं का झांसा देते थे।ग्राहकों का विश्वास जीतने के लिए फर्जी पहचान और दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जाता था। एक बार ग्राहक झांसे में आ जाते, तो उनसे एडवांस के नाम पर रकम विभिन्न बैंक खातों में मंगवाई जाती थी।जैसे ही पैसा खाते में आता था, उसे तुरंत एटीएम और चेक के जरिए निकालकर दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था। ऐसा इसलिए किया जाता था ताकि शिकायत होने पर रकम को होल्ड न किया जा सके। बैंक खाते फ्रीज होने की स्थिति में आरोपी सिम कार्ड फेंककर नए खातों और नंबरों के जरिए ठगी का सिलसिला जारी रखते थे।
16 लाख रुपये बरामद
बरामद साक्ष्यों की जांच में अब तक 10 बैंक खातों की जानकारी मिली है, जिनसे जुड़े 11 साइबर फ्रॉड की शिकायतें विभिन्न राज्यों में दर्ज हैं। एक खाते में ही करीब 16 लाख रुपये के लेनदेन का खुलासा हुआ है, जबकि अन्य खातों की जांच अभी जारी है।मुख्य आरोपी दीपक कुमार शुक्ला का आपराधिक इतिहास भी है। वह पहले भी हरियाणा में साइबर फ्रॉड के एक मामले में गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है। पुलिस के अनुसार, दीपक कोलकाता में रहकर साइबर अपराधियों के संपर्क में आया और वहीं से इस नेटवर्क का हिस्सा बन गया था।पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन सेवा, खासकर ट्रांसपोर्ट या लॉजिस्टिक्स से जुड़ी डील करते समय सतर्क रहें। ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

