बलरामपुर। बरकतों और रहमतों के महीने रमजान में रोज़ा और इबादत की खास अहमियत होती है। इसी कड़ी में शहर की 6 वर्षीय बच्ची आयशा ऐमन ने अपना पहला रोज़ा रखकर परिवार और मोहल्ले का दिल जीत लिया।
नगर के गदुरहवा मोहल्ले निवासी अतीकुर्रहमान उर्फ गुड्डू (क्रिकेटर) की बेटी आयशा ऐमन ने घर में रोज़ा रखते माहौल को देखकर खुद भी रोज़ा रखने की जिद की। परिजनों की सहमति मिलने के बाद उसने पूरे उत्साह के साथ सहरी की और दिनभर बिना कुछ खाए-पिए रोज़ा रखा। इस दौरान वह नमाज़ और इबादत में भी लगी रही।
पिता गुड्डू ने बताया कि सुबह उन्हें थोड़ी चिंता जरूर थी, लेकिन बेटी की लगन और हिम्मत ने सभी को हैरान कर दिया। उन्होंने कहा कि आयशा ने पूरे दिन पूरी शिद्दत और अनुशासन के साथ रोज़ा रखा।
शाम को इफ्तार के समय जैसे ही आयशा ऐमन ने परिवार के साथ रोज़ा खोला, घर में खुशी का माहौल बन गया। परिजनों ने इसे उसके जीवन का खास और यादगार पल बताया और उसके उज्ज्वल भविष्य व सलामती की दुआ की।
मोहल्ले के लोगों ने भी आयशा की सराहना करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में रोज़ा रखना काबिले-तारीफ है। आयशा का पहला रोज़ा न सिर्फ उसके परिवार, बल्कि पूरे मोहल्ले के लिए एक खास और यादगार पल बन गया।

