
अयोध्या।
कुछ वर्ष पहले देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा गरीब के लिए आवास योजना का प्रारंभ किया गया था, जिसके तहत सरकार ने हर गरीब तबके जिसके पास रहने के लिए पक्का मकान नहीं है उसको आवास देने की बात कही थी, जिससे सबको अपने सिर पर पक्की छत मिल सके। परंतु सच तो कुछ और ही है, क्योंकि सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना गांव में सिर्फ कागजों तक ही सिमट कर रह गई है। वर्षों से अत्यंत गरीब परिवार अपने घर के लिए प्रधान से लेकर उच्च अधिकारी तक से मांग करते हैं ,परंतु उन्हें यह सुविधा उपलब्ध ना हो पाई है।

अमानीगंज विकासखंड के इब्राहिमपुर मौजा के गांव खुरदहा निवासी गरीब संतोषी की उम्र लगभग 64 वर्ष है जो पूरी तरह से आवास योजना के लिए पात्र है फिर भी आज तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उन्हें नहीं मिला है। पिछली बरसात में मिट्टी से बना उनका घर पूरी तरह से ढह गया था ।प्रधान व लेखपाल ने मौके पर आकर निरीक्षण किया और कागजी कार्यवाही करके चले गए। लेकिन आज तक संतोषी पक्का आवास मिलने की राह देख रही है। सच तो यह है कि गरीब और पात्र लोग जिनको इस आवास योजना का लाभ मिलना चाहिए उनकी बजाए अमीर और प्रभावशाली एवं अपात्र लोगों का इस योजना से काफी लाभ हो रहा है।


