अयोध्या। थाना रौनाही क्षेत्र में सरयू नदी किनारे युवक की हत्या के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक रौनाही के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मृतक के दो करीबी दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त रक्तरंजित बांका, मृतक का पर्स, पहचान पत्र और नगदी बरामद की गई है। यह वारदात 26 दिसंबर को दोपहर में थाना रौनाही क्षेत्र के बहद गांव के पास सरयू नदी स्थित पम्पिंग स्टेशन पर हुई थी। मृतक की पहचान शुभम रावत (22 वर्ष) पुत्र आशाराम रावत, निवासी खानपुर, थाना खंडासा के रूप में हुई।
गुमशुदगी की जांच से खुला राज
27 दिसंबर को शुभम के पिता आशाराम रावत ने बेटे के घर न लौटने पर गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के दोस्तों अंकुर पाण्डेय और गिरीश रावत से पूछताछ की। दोनों ने शुरुआत में नहाते समय सरयू में डूबने की मनगढ़ंत कहानी गढ़ी, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और सख्ती के आगे टूट गए। 31 दिसंबर को गोताखोरों और एसडीआरएफ की मदद से सरयू नदी से शव बरामद किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर धारदार हथियार से कई गहरी चोटें पाए जाने के बाद हत्या की पुष्टि हुई।
फोटो भेजने से टूटा रिश्ता, बनी हत्या की वजह
पूछताछ में सामने आया कि शुभम ने अंकुर पाण्डेय की शादी की तस्वीर उसकी पुरानी प्रेमिका को भेज दी थी, जिससे युवती नाराज होकर उससे दूर हो गई। वहीं, शुभम का गिरीश रावत से पैसों के लेन-देन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इन्हीं बातों को लेकर दोनों आरोपियों ने मिलकर शुभम को रास्ते से हटाने की साजिश रची। 26 दिसंबर को घुमाने के बहाने शुभम को सरयू तट स्थित पम्पिंग स्टेशन ले जाया गया, जहां धारदार बांके से सिर पर ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी गई और शव को नदी में फेंक दिया गया।
बरामद हुआ आला-ए-कत्ल
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त रक्तरंजित बांका, मृतक का पर्स, स्कूल पहचान पत्र, आधार कार्ड की छायाप्रति और ₹80 नगद बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपियों में अंकुर पाण्डेय निवासी अहिरन का पुरवा, थाना खंडासा और गिरीश रावत निवासी बभनियावां, थाना रौनाही शामिल हैं। दोनों को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

