लखनऊ।
सीएम योगी ने बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें से 76 राजधानी बसें हैं। ये प्रदेश के 75 जिलों से लखनऊ के लिए चलेंगी। इसके अलावा 39 साधारण बसें हैं। राजधानी बसों की टाइमिंग को इस तरह रखा जाएगा कि यह सुबह 9.30 बजे तक लखनऊ पहुंच जाएगी। वहीं, शाम को वापस अपने जिलों के लिए लखनऊ से रवाना होगी। ऐसे में अगर कोई लखनऊ में अपने किसी भी काम के लिए के लिए आते हैं, तो उसके पास एक दिन में ही काम करा कर वापस लौटने का मौका रहेगा।
सीएम योगी ने अपने आवास से बसों को हरी झंडी दिखाते हुए कहा, “यात्री मोबाइल पर खाना और नास्ते का ऑर्डर दे सकेंगे। इसके अलावा आने वाले दिनों में 1 लाख गांव को परिवहन सेवा से जोड़ने का काम किया जाएगा।सीएम ने कहा, स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर एक एमओयू साइन किया जाए। इससे समय-समय पर ड्राइवर और कंडक्टर की मेडिकल जांच हो। इससे की वह सुरक्षित यात्रा करा सकें। कई ड्राइवर जिनको आंखों से कम दिखाई देता है। लेकिन अंदाज में बस चला रहे होंगे। अंदाज से परिवार तो चलाया जा सकता है, लेकिन बस नहीं।
सीएम ने परिवहन मंत्री दयाशंकर से कहा कि इसको लेकर आप विचार करे। इसमें छोटे गांव में 30 सीटर बसें चलेंगी। राजधानी बस का किराया साधारण बस की अपेक्षा 13 पैसे प्रति किलोमीटर ज्यादा होगा।
सीएम योगी ने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह पर भी चुटकी ली। उन्होंने कहा दयाशंकर सिंह बलिया के लिए बस सेवा शुरू करना चाहते थे। अब बलिया के लिए सेवा शुरू होती तो बाकी जिलों से होकर गुजरना होता। ऐसे में पूरे प्रदेश की भलाई करते हुए 115 बसों की शुरुआत हुई है।
सीएम योगी ने कहा, ”यह अमृत महोत्सव का पहला साल है। परिवाहन विभाग 50 साल की यात्रा पूरा कर रहा है। कुंभ में परिवहन का काम सराहनीय रहा। 24 करोड़ लोगों को यात्रा देने में विभाग ने बेहतर काम किया है। कोरोना काल में एक करोड़ से अधिक लोगों को घर पहुंचाने का काम परिवहन विभाग ने किया है। कोविड में परिवहन विभाग का बड़ा योगदान रहा।” प्रदेश में 11 हजार से ज्यादा बस सेवा चल रही है। जिसमें हर दिन 17 लाख लोग रोडवेज बस में सफर करते हैं।

