सद्भावना आवाज़
पानीपत
भारतीय कुश्ती संघ अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पहलवानों का धरना जंतर-मंतर पर लगातार जारी है। इसी बीच पहलवानों ने बृजभूषण का चैलेंज मंजूर कर लिया है। बजरंग पूनिया ने कहा कि सभी पहलवान नार्को टेस्ट के लिए तैयार हैं। बृजभूषण ने रविवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से अपने नार्को टेस्ट के बारे में पोस्ट डाली थी। जिसमें बृजभूषण ने लिखा- मैं अपना नार्को टेस्ट, पॉलीग्राफी टेस्ट तथा लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने के लिए तैयार हूं। मगर मेरी शर्त है मेरे साथ ही विनेश फोगाट तथा बजरंग पूनिया का भी यही टेस्ट होना चाहिए। वह मीडिया बुलाकर इसका ऐलान करें। थोड़ी देर बाद ही रेसलर्स प्रेस कान्फ्रेंस भी करेंगे। वहीं कल यानी 23 मई को इंडिया गेट पर पहलवान कैंडल मार्च निकालेंगे। बृजभूषण के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे रेसलर्स के सपोर्ट में खाप पंचायतें भी आ चुकी हैं। रविवार को रोहतक के महम चौबीसी में खाप महापंचायत हुई। जिसमें फैसला लिया गया कि पहलवानों के समर्थन में 23 मई को दिल्ली में कैंडल मार्च निकाला जाएगा। इंडिया गेट पर शाम पांच बजे निकाले जाने वाले इस कैंडल मार्च में देशभर के लोग पहुंचेंगे। 28 मई को नए संसद भवन के सामने खापों की महिला महापंचायत होगी जिसमें देशभर से महिलाओं के अलावा खाप और किसान नेता भी पहुंचेंगी। ये महिला महापंचायत पहलवानों के साथ मिलकर जो भी फैसला लेगी, वह सभी खापों को मंजूर होगा और फैसले के 5 घंटे के अंदर सभी खापों के ज्यादा से ज्यादा लोग दिल्ली पहुंच जाएंगे। 23 अप्रैल से दिल्ली के जंतर-मंतर पर विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक की अगुआई में रेसलर्स धरना दे रहे हैं। उन्होंने UP के गोंडा की कैसरगंज लोकसभा सीट से BJP सांसद और (भारतीय कुश्ती संघ) अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। बृजभूषण पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है। पहलवानों की मांग है कि बृजभूषण सिंह को पद से हटाया जाए और गिरफ्तार किया जाए। इससे पहले पहलवान सुप्रीम कोर्ट गए थे। यहां उनके मामले पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को सांसद पर केस दर्ज करने का आदेश दिया था। दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण के खिलाफ छेड़छाड़ और पोस्को एक्ट के तहत 2 केस दर्ज किए हैं। इस मामले में WFI अध्यक्ष बृजभूषण सिंह ने भी रेसलर्स के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। एक यू-ट्यूबर को दिए इंटरव्यू में बृजभूषण ने खिलाड़ियों के मेडल लौटाए जाने की बात पर कड़ी टिप्पणी की। बृजभूषण ने कहा- मेडल की कीमत तो 15 रुपए है। अगर वापस करना ही है तो करोड़ों रुपए का नकद पुरस्कार करें। जो पैसा फेडरेशन, सरकार, जनता ने उन्हें दिया है। इस खेल की वजह से नौकरी मिली, मेडल लौटा भी देंगे तो क्या होगा। सारा पैसा ब्याज समेत वापस लौटाएं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बृजभूषण ने कैसरगंज में कहा कि महिला रेसलर्स मंथरा हैं। मंथरा की वजह से भगवान राम को 14 वर्ष के लिए बनवास जाना पड़ा। राम वन में नहीं जाते तो केवट से न मिलते, शबरी के झूठे बेर न खाते। हनुमान-सुग्रीव से मित्रता न होती और रावण जैसे महापापी का अंत नहीं होता। मुझे लगता है कि ईश्वर ने मेरे लिए अभी कुछ और काम तय कर रखे हैं।