लखनऊ। प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार समाज के वंचित, पिछड़े वर्ग और दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ठोस, संवेदनशील और परिणामोन्मुखी नीतियों पर काम कर रही है। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पहुंचाया जाए।
बैठक में मंत्री कश्यप ने डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ और जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय, चित्रकूट की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि दोनों विश्वविद्यालय दिव्यांगजनों के लिए उच्च शिक्षा के प्रमुख केंद्र हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि छात्र संख्या बढ़ाने, रिक्त पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति शीघ्र पूरी करने और विश्वविद्यालय परिसरों में चल रहे निर्माण कार्यों को समय पर पूर्ण कराने की कार्रवाई तेज की जाए।
मंत्री ने कहा कि मंडल स्तर पर कार्यशालाओं, जागरूकता कार्यक्रमों और प्रचार-प्रसार गतिविधियों के माध्यम से विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक सुविधाओं और पाठ्यक्रमों की जानकारी अधिक से अधिक दिव्यांगजन तक पहुंचाई जाए, ताकि छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा से जुड़ने का अवसर मिले।
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने कहा कि योजनाओं की असली सफलता तभी मानी जा सकती है जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित की जाएं और जिन जिलों में प्रगति अपेक्षित नहीं है, वहां जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारी समन्वय करके कार्य की गति बढ़ाएं। बैठक में अधिकारियों ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 72,690 लाभार्थियों को शादी अनुदान, 12,76,303 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और 25,588 ‘ओ’ लेवल व 9,304 ‘सीसीसी’ प्रशिक्षणार्थियों को कंप्यूटर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की जानकारी दी।

दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की समीक्षा में बताया गया कि 11,88,425 दिव्यांगजन पेंशन और 13,357 लाभार्थियों को कुष्ठावस्था पेंशन मिल रही है। निःशुल्क बस यात्रा योजना के तहत अब तक 16,97,319 दिव्यांगजन और उनके सहयोगियों ने राज्य परिवहन की बस सेवाओं का लाभ उठाया है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य निधि का उपयोग पूरी संवेदनशीलता के साथ करें और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
मंत्री ने आगामी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि लखनऊ में 7 दिवसीय राज्य स्तरीय दिव्यांग खेलकूद प्रतियोगिता आयोजित होगी। प्रयागराज और ललितपुर में दिव्यांगजन पुनर्वासन से संबंधित राष्ट्रीय कार्यशालाओं का आयोजन होगा। वहीं, प्रयागराज, प्रतापगढ़, कानपुर नगर, गोरखपुर, वाराणसी और बागपत में चित्रकला एवं हस्तकला प्रदर्शनी और कार्यशालाओं के माध्यम से दिव्यांग प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया जाएगा।
मंत्री ने बैठक में जोर देकर कहा कि योगी सरकार का उद्देश्य केवल मदद देना नहीं है, बल्कि दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग को आत्मनिर्भर, सशक्त और सम्मानपूर्ण जीवन के लिए सक्षम बनाना है। इसके लिए शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और सामाजिक सहभागिता के हर क्षेत्र में सरकार प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
बैठक में प्रमुख सचिव सुभाष चंद्र शर्मा, राज्य आयुक्त दिव्यांगजन प्रो. हिमांशु शेखर झा, विश्वविद्यालयों के कुल सचिव, निदेशक पिछड़ा वर्ग कल्याण डॉ. वंदना वर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

