बलरामपुर (पचपेड़वा)। थारू संग्रहालय, इमलिया कोडर में मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा हिंदू समाज के उत्थान और सांस्कृतिक संरक्षण के उद्देश्य से भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक क्षेत्र के कई प्रमुख व्यक्तित्व शामिल हुए। सम्मेलन के मुख्य वक्ता श्रीमद् जगतगुरु स्वामी ओम प्रपन्नाचार्य ने कहा कि हिंदू समाज की महान परंपराओं और वीरता को याद रखना हर युवा का कर्तव्य है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने इतिहास, संस्कृति और मूल्यों को सीखें और अपने जीवन में अपनाएं। स्वामी ओम ने कहा, “भगवान राम के वनवास का उदाहरण हमें सिखाता है कि समाज की प्रगति तब ही संभव है जब हर व्यक्ति को साथ लेकर चलें।”
यशोदानंद ने उठाए सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दे
मुख्य अतिथि यशोदानंद, प्रांत प्रचारक प्रमुख, अवध प्रांत ने अपने संबोधन में पंच परिवर्तन, कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज की सच्ची प्रगति तभी संभव है जब लोग सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूक हों। कार्यक्रम का सफल संचालन संयोजक रामसुंदर थारू और सह संयोजक आलोक पाठक ने किया। इस मौके पर संस्थान के अध्यक्ष धनीराम थारू, जिला कार्यवाह किरिट मणि, जिला प्रचारक जितेंद्र कुमार, सह कार्यवाह सुभाष सहित कई समाजसेवी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

सांस्कृतिक और सामाजिक जागरूकता पर जोर
सम्मेलन में सदस्यों ने समाज में सांस्कृतिक और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। वरिष्ठ सदस्य आशुतोष शुक्ला, नीलम प्रधान, रामसरन, अशोक सिंह, गोविंद सिंह, राजेंद्र, विजय पाल और सुभाष ने भी अपने विचार साझा किए। जिला प्रचारक जितेंद्र कुमार ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य हिंदू समाज में एकता, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देना था। उपस्थित सभी लोगों ने इसे सफल और सार्थक बताया और समाज के सामाजिक एवं धार्मिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर जोर दिया।



