बहराइच । चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज के पुल पर करीब 6 फीट लंबा घड़ियाल पहुंच गया। वह करीब 30 मिनट तक वहां बैठा रहा। करीब आधे घंटे बाद वन विभाग की टीम ने उसे रेस्क्यू किया।वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, नदी के कई हिस्सों में पानी का स्तर काफी कम हो गया है। जलस्तर कम होने की वजह से घड़ियाल भटक गया। भटक कर वह सूखे नदी तल के रास्ते चलते हुए बैराज के ऊपरी हिस्से तक पहुंच गया।रविवार सुबह करीब 5 बजे बैराज पुल कर्मचारी ने घड़ियाल को देखा और वन विभाग को सूचना दी। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने सफल रेस्क्यू के बाद घड़ियाल को वापस घाघरा नदी के सुरक्षित हिस्से में छोड़ दिया। मामला कतर्निया घाट रेंज का है।
कतर्नियाघाट में घड़ियाल की दस्तक
बैराज पुल के कर्मचारी साहेब लाल साहनी ने बताया कि घाघरा नदी में इन दिनों क्लोजर का काम चल रहा है। इसकी वजह से नदी के कई हिस्सों में पानी का स्तर काफी कम हो गया है और नदी का तल सूख गया है।पानी की कमी के कारण घड़ियाल अपने प्राकृतिक आवास से भटक गया और सूखे नदी तल के रास्ते चलते हुए बैराज के ऊपरी हिस्से तक पहुंच गया। वह चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज के पुल पर करीब 30 मिनट तक बैठा रहा।घड़ियाल के पुल पर पहुंचने की सूचना मिलते ही बैराज कर्मचारियों ने तत्काल वन विभाग को जानकारी दी।
बैराज पुल पर बैठा रहा आधे घंटे
सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। लोगों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए टीम ने पहले सुरक्षा घेरा बनाया, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।काफी सावधानी और सतर्कता के साथ वन विभाग की टीम ने घड़ियाल को सुरक्षित तरीके से काबू में लिया। रेस्क्यू के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि न तो घड़ियाल को कोई नुकसान पहुंचे और न ही आसपास मौजूद लोगों को किसी प्रकार का खतरा हो। सफल रेस्क्यू के बाद घड़ियाल को वापस घाघरा नदी के सुरक्षित हिस्से में छोड़ दिया गया।वन दरोगा मयंक पांडे ने लोगों से अपील की है कि क्लोजर के दौरान सूखे नदी क्षेत्र में सावधानी बरतें, क्योंकि पानी कम होने से वन्यजीव भटककर आबादी क्षेत्र की ओर आ सकते हैं।
