इस हाई-टेक युग में, जहां सब काम मोबाइल और इंटरनेट पर होते हैं, तो बच्चों की पढ़ाई भी इससे कैसे अछूती रह सकती है। कोविड काल के बाद से बच्चों की पढ़ाई का पैटर्न बदल गया है। लॉकडाउन के दौरान हुई वीडियो क्लासेज़ की शुरुआत के बाद, कई कंपनियों ने अपने-अपने मोबाइल एप्लिकेशंस मार्केट में उतारे, जिनसे आप वीडियो लेक्चर्स के जरिए अपनी पढ़ाई कर सकते हैं।
हालांकि, इन एप्लिकेशंस में एक बड़ी समस्या यह है कि ये सभी ऐप में कोर्स के वीडियो सिर्फ अंग्रेजी में होते हैं और इनकी सब्सक्रिप्शन के लिए बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है। यह समस्या खासतौर पर हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए और भी बड़ी हो जाती है, जो नीट, जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे होते हैं।
छात्रों की इस समस्या को ध्यान में रखते हुए आज आकाश इंस्टिट्यूट ने लखनऊ में अपना मोबाइल ऐप ‘आईट्यूटर’ बाजार में लॉन्च किया। इंस्टिट्यूट के डिप्टी डायरेक्टर प्रशांत तिवारी ने एक प्रेस वार्ता में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए बताया कि इस ऐप को खासतौर पर हिंदी माध्यम के छात्रों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है।
प्रशांत तिवारी ने कहा, “यह ऐप हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए एक वरदान साबित होगा। इस ऐप के जरिए बच्चे अपनी नीट की तैयारी के साथ-साथ सभी बोर्ड्स की ग्यारहवीं और बारहवीं की पढ़ाई भी कर सकते हैं।” इस ऐप में चैटबोट की सुविधा है, जिससे छात्र अपनी किसी भी समस्या का तुरंत समाधान पा सकते हैं।
यह ऐप आकाश इंस्टिट्यूट के विद्यार्थियों के लिए मुफ्त है, लेकिन अन्य विद्यार्थियों के लिए भी इसकी कीमत मार्केट में सबसे कम रखी गई है। प्रशांत तिवारी ने बताया कि ऐप की भविष्य की अपडेट्स में इसमें अन्य कोर्सेज़ को भी शामिल किया जाएगा।
यह ऐप छात्रों के लिए पढ़ाई को और भी सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उम्मीद है कि यह ऐप हिंदी माध्यम के छात्रों को उनके शैक्षणिक सफर में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मददगार साबित होगा।

