बलरामपुर । गैण्डास बुजुर्ग थाना क्षेत्र में पुलिस ने जमीन बैनामा से जुड़ी एक बड़ी धोखाधड़ी का खुलासा किया है। एक बीमार और अकेले व्यक्ति से आयुष्मान कार्ड बनवाने के बहाने कूटरचित दस्तावेजों के जरिए करीब 25 लाख रुपए मूल्य की जमीन का फर्जी बैनामा करा लिया गया था। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।यह मामला 16 दिसंबर 2025 को सामने आया, जब ग्राम नन्दौरी निवासी शत्रोहन पुत्र भागीरथ ने गैण्डास बुजुर्ग थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने विश्वास में लेकर धोखाधड़ी और षड्यंत्र के तहत उनकी 0.3680 हेक्टेयर भूमिधरी जमीन का बैनामा करा लिया है। शिकायत के आधार पर थाना गैण्डास बुजुर्ग में मु0अ0सं0 115/2025 के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया।जांच के दौरान पता चला कि जिस जमीन का बैनामा मात्र 2 लाख रुपए में कराया गया था, उसका सर्किल रेट 7.40 लाख रुपए था। जबकि बाजार मूल्य लगभग 25 लाख रुपए आंका गया है। चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई कि अभियुक्तों ने पीड़ित के खाते में केवल 25 हजार रुपए भेजकर कूटरचित तरीके से रजिस्ट्री करवा ली थी।पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर गैण्डास बुजुर्ग थाना पुलिस ने 17 दिसंबर 2025 को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की। पुलिस टीम ने तीनों नामजद अभियुक्तों को हासिमपारा के पास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में सियाराम पुत्र भग्गन (50), मुन्नूलाल पुत्र कुट्टुर (44) और शब्बीर अहमद पुत्र अब्दुल शकुर (60) शामिल हैं।पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पीड़ित की बीमारी और अकेलेपन का फायदा उठाने की योजना बनाई थी। उन्होंने आयुष्मान कार्ड बनवाने के बहाने पीड़ित को उतरौला ले जाकर रजिस्ट्री ऑफिस के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी बैनामा कराया।इस पूरे खुलासे में उपनिरीक्षक किसलय मिश्र, उपनिरीक्षक शरद कुमार अवस्थी, कांस्टेबल देवाशीष मिश्र, नीरज यादव, अविनाश तिवारी और श्रीकान्त की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फिलहाल, तीनों गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायालय में पेश कर दिया गया है। रजिस्ट्री ऑफिस से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच अभी जारी है।



