बलरामपुर। महिलाओं और बच्चों के पोषण स्तर को सुधारने और स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए जिले में चलाए जा रहे विशेष अंतर्विभागीय अभियान “प्रोजेक्ट संवर्धन” के तहत ग्राम रामपुर बगनहा में आयोजित वीएचएसएनडी (Village Health, Sanitation and Nutrition Day) सत्र का जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी ने सत्र में उपस्थित महिलाओं और बच्चों से सीधे संवाद कर उनकी स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी जानकारी ली। उन्होंने टीकाकरण, वजन-लंबाई माप, पोषण परामर्श और स्वास्थ्य जांच की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। साथ ही अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी पात्र लाभार्थियों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित की जाएं।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने विशेष रूप से टीएचआर (Take Home Ration) से निर्मित पौष्टिक पोषाहार का नियमित और अनिवार्य वितरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाएं, धात्री माताएं और 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों तक पोषाहार समय पर पहुंचना अत्यंत आवश्यक है, ताकि कुपोषण को रोका जा सके और मातृ-शिशु स्वास्थ्य में सुधार हो।

इसके साथ ही जिलाधिकारी ने सत्र स्थल पर उपलब्ध दवाओं, टीकाकरण सामग्री, वजन मशीन, इन्फेंटोमीटर और अन्य आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता की भी जांच की। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और प्रत्येक महिला एवं बच्चे तक सेवाएं समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने आशा, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य कर्मियों से भी अपेक्षा जताई कि वे ग्राम स्तर पर सक्रिय रूप से सहभागिता सुनिश्चित करें और समय पर सभी गर्भवती महिलाओं और बच्चों का पोषण एवं स्वास्थ्य प्रबंधन करें।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी, जिला प्रतिरक्षा अधिकारी, ग्राम प्रधान रामपुर बगनहा सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रोजेक्ट संवर्धन अभियान के तहत दिसंबर 2025 में जिले के 300 पंचायत भवनों पर विशेष VHSND सत्र आयोजित किए गए, जिनका उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर को सुधारना है। जिलाधिकारी ने इस कार्यक्रम को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह पहल शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और ग्रामीण स्तर पर कुपोषण रोकने और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।



