बलरामपुर | रबी फसल सीजन के दौरान किसानों को खाद की किल्लत न हो, इसके लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। डीएम विपिन कुमार जैन के निर्देश पर जिले में खाद की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। कृषि विभाग के अनुसार जनपद में खाद की पर्याप्त उपलब्धता है और किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है।
कृषि विभाग ने बताया कि 1 जनवरी 2026 तक जिले में 25,623 मीट्रिक टन यूरिया, 4,715 मीट्रिक टन डीएपी, 166 मीट्रिक टन एमओपी, 2,135 मीट्रिक टन एनपीके और 16,029 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट का वितरण किया जा चुका है। वहीं 2 जनवरी 2026 को जिले में यूरिया, डीएपी सहित सभी प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक गोदामों में उपलब्ध है।
जांच के दौरान कुछ खाद विक्रेताओं द्वारा नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई। एक ही व्यक्ति को 40 बोरी से अधिक यूरिया बेचने और खाद को लंबे समय तक गोदाम में रोककर रखने के मामलों में तीन खाद दुकानों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। कृषि विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि यदि किसी दुकानदार द्वारा खाद के साथ किसी अन्य उत्पाद की जबरन बिक्री या तय दर से अधिक मूल्य वसूला गया, तो उसके खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से अपील की है कि वे आधार कार्ड और खतौनी के साथ फसल के अनुसार ही आवश्यकता भर खाद खरीदें और संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करें, ताकि भूमि की उर्वरता और फसल उत्पादन प्रभावित न हो।



