गोण्डा। किसानों को सरकारी योजनाओं का समय से लाभ दिलाने और फसल से जुड़ा सटीक डाटा तैयार करने के उद्देश्य से डिजिटल क्रॉप सर्वे को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी गोण्डा प्रियंका निरंजन ने की। इसमें राजस्व विभाग और कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि डिजिटल क्रॉप सर्वे शासन की एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील योजना है, जिसका सीधा लाभ किसानों को फसल बीमा, आपदा मुआवजा, सहायता योजनाओं और अन्य सरकारी लाभों के रूप में मिलता है। उन्होंने कहा कि सर्वे कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और निर्धारित समयसीमा के भीतर शत-प्रतिशत सर्वे कार्य पूरा किया जाना अनिवार्य है।
जिलाधिकारी ने कहा कि डिजिटल माध्यम से किए जा रहे फसल सर्वे से भूमि उपयोग और फसल पैटर्न की सही जानकारी प्राप्त होती है, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आती है। उन्होंने फील्ड पर कार्यरत कर्मचारियों को निर्देश दिए कि सर्वे के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और जो भी डाटा अपलोड किया जाए वह पूर्णतः सही और अद्यतन हो।
मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन ने सर्वे की प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया। वहीं मुख्य राजस्व अधिकारी महेश प्रकाश ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के सफल संचालन के लिए राजस्व और कृषि विभाग के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है और सभी अधिकारियों को टीम भावना के साथ कार्य करना चाहिए।
बैठक में समस्त उपजिलाधिकारीगण, जिला विकास अधिकारी सुशील कुमार श्रीवास्तव, जिला पंचायत राज अधिकारी लालजी दुबे तथा उपनिदेशक कृषि प्रेम कुमार ठाकुर ने अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। अधिकारियों ने सर्वे कार्य के दौरान आ रही समस्याओं की जानकारी भी दी, जिनके समाधान के लिए जिलाधिकारी ने आवश्यक निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और ग्राम स्तर तक सतत समीक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने दोहराया कि समय से शत-प्रतिशत सर्वे पूरा कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि किसानों को योजनाओं का पूरा और सही लाभ मिल सके।



