बलरामपुर। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की नहरबालागंज शाखा में सामने आए बड़े लोन घोटाले में बलरामपुर पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने करीब 12 करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी धन के गबन के मामले में वांछित चल रहे लोन अप्रूवर अधिकारी विनय शर्मा को लखनऊ के चिनहट क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।यह मामला पीएनबी सर्किल ऑफिस अयोध्या द्वारा कराई गई विभागीय जांच के बाद सामने आया। जांच में पाया गया कि नहरबालागंज शाखा के तत्कालीन वरिष्ठ शाखा प्रबंधक महेश त्रिपाठी और उनके सहयोगियों ने बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर बड़ी संख्या में लोन खाते खोल दिए। इन खातों के जरिए बैंक से करोड़ों रुपये निकालकर गबन किया गया। इस संबंध में 15 अगस्त 2025 को थाना कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
फर्जी दस्तावेजों से दर्जनों लोन पास
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त विनय शर्मा पीएनबी में लोन अप्रूवर लेवल एस-1 के पद पर तैनात था। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने तत्कालीन शाखा प्रबंधक महेश त्रिपाठी और पीएसपी कंस्ट्रक्शंस के मालिक समरजीत सिंह से मिलीभगत कर फर्जी लोन खातों को मंजूरी दिलाने में अहम भूमिका निभाई। आरोपी ने लोन सॉफ्टवेयर में फर्जी एलआईसी पॉलिसी नंबर दर्ज कर पहले चरण में लोन अप्रूवल की प्रक्रिया पूरी की, जिसके बाद शाखा प्रबंधक द्वारा फाइनल अप्रूवल दिया जाता था।पुलिस जांच में सामने आया है कि इस तरीके से करीब 46 लोन खातों के माध्यम से लगभग 8 करोड़ 9 लाख रुपये और 40 मुद्रा लोन खातों से करीब 3 करोड़ 93 लाख रुपये का गबन किया गया। लोन की रकम कैश या खाते के जरिए पीएसपी कंस्ट्रक्शंस और उससे जुड़े लोगों को ट्रांसफर कर दी जाती थी।
करोड़ों का खेल उजागर
इस मामले में पहले ही तीन अभियुक्तों—तत्कालीन शाखा प्रबंधक महेश त्रिपाठी, पीएसपी कंस्ट्रक्शंस के समरजीत सिंह और संतोष कुमार सिंह—को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। विनय शर्मा के खिलाफ इसी तरह के कई अन्य मुकदमे भी दर्ज हैं। अब तक उसके विरुद्ध 14 से अधिक आपराधिक मुकदमे पंजीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें वह लगातार वांछित चल रहा था।पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पांडेय और क्षेत्राधिकारी नगर ज्योतिश्री के पर्यवेक्षण में कोतवाली नगर पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और अन्य संलिप्त लोगों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



