बलरामपुर। मध्यान्ह भोजन योजना के तहत बच्चों के खाने के लिए आने वाले सरकारी पैसे में बड़ा घोटाला सामने आया है। बलरामपुर में मिड-डे मील योजना के नाम पर 11 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम हड़प ली गई। इस मामले में पुलिस ने अब तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले भी इस घोटाले में कई लोगों को जेल भेजा जा चुका है।पूरा मामला तब सामने आया, जब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से कराई गई जांच में मिड-डे मील योजना के खर्च में गंभीर गड़बड़ी पाई गई। जांच में खुलासा हुआ कि योजना से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी और कुछ स्कूलों के जिम्मेदार लोग आपस में मिलकर सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर कर रहे थे। इसके बाद कोतवाली नगर थाने में मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक, इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड तत्कालीन जिला समन्वयक फिरोज अहमद खान था। उसके साथ मिलकर कई लोग स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या का गलत इस्तेमाल करते थे।
छात्रों की संख्या बढ़ाकर-घटाकर बनाया गया फर्जी हिसाब
आईवीआरएस पोर्टल से बच्चों की संख्या निकालकर खर्च का हिसाब तैयार किया जाता था, लेकिन असली आंकड़ों से छेड़छाड़ कर एक्सेल शीट बदल दी जाती थी।जिलाधिकारी से मंजूरी मिलने के बाद जब पैसा स्कूलों के खातों में भेजा जाना होता था, तब असली एक्सेल शीट अपलोड नहीं की जाती थी। कुछ चुनिंदा स्कूलों के खातों में रकम ज्यादा दिखाकर पैसा भेज दिया जाता था, जबकि बाकी स्कूलों के खातों से उतनी ही रकम कम कर दी जाती थी। कागजों में सब कुछ सही दिखता था, लेकिन असल में पैसा इधर-उधर कर दिया जाता था।जिन स्कूलों के खातों में ज्यादा पैसा भेजा जाता था, वहां के प्रधानाध्यापक, ग्राम प्रधान और अभिभावक समिति के अध्यक्ष मिलकर रकम निकाल लेते थे और आपस में बांट लेते थे।
नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा जेल
इसी तरीके से धीरे-धीरे 11 करोड़ रुपये से ज्यादा का सरकारी पैसा गायब कर दिया गया।पुलिस ने इसी मामले में बुधवार को वकील अहमद नूरी, मोहम्मद मुख्तार और मोहम्मद नजीर को गिरफ्तार किया है। ये तीनों आरोपी जिले के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं और लंबे समय से फरार चल रहे थे। पूछताछ में तीनों ने घोटाले में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली है।इससे पहले इस केस में फिरोज अहमद खान समेत नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और जैसे-जैसे साक्ष्य सामने आ रहे हैं, वैसे-वैसे और नाम भी सामने आ सकते हैं।पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बच्चों के हक के पैसे से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और घोटाले से जुड़े हर व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।



