लखनऊ। पंचायती राज विभाग की ओर से क्षेत्र पंचायत प्रमुखों के लिए राज्य स्तरीय एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में पंचायतों को और अधिक सशक्त बनाने, ग्रामीण विकास को गति देने और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर मौजूद रहे, जबकि प्रमुख सचिव अनिल कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर मिशन निदेशक स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) गुंजन द्विवेदी और उत्तर प्रदेश ब्लॉक प्रमुख संघ के अध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘सेनानी’ भी उपस्थित रहे।

योजनाओं के बेहतर संचालन पर हुई चर्चा
कार्यशाला के दौरान पंचायती राज विभाग की विभिन्न योजनाओं, नवाचारों और उनके बेहतर संचालन पर विचार-विमर्श किया गया। प्रतिभागियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और जनभागीदारी बढ़ाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।विभिन्न सत्रों में पंचायतों की कार्यप्रणाली को मजबूत बनाने तथा प्रशासनिक समन्वय बेहतर करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
पंचायत प्रमुखों ने रखे सुझाव
प्रदेशभर से आए क्षेत्र पंचायत प्रमुखों ने अपने अनुभव साझा किए और पंचायत स्तर पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। अधिकारियों ने इन सुझावों को गंभीरता से लेते हुए भविष्य की कार्ययोजना में शामिल करने की बात कही।

मंत्री को सौंपा गया 10 सूत्रीय मांगपत्र
कार्यशाला के दौरान उत्तर प्रदेश ब्लॉक प्रमुख संघ के अध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘सेनानी’ ने सभी क्षेत्र पंचायत प्रमुखों की ओर से पंचायती राज मंत्री को 10 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा।पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि क्षेत्र पंचायत प्रमुख पंचायती राज व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और ग्रामीण विकास में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।उन्होंने वर्ष 2026-27 के लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने, लंबित कार्यों के शीघ्र निस्तारण और उपलब्ध निधियों के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया।
स्वच्छता और जल संरक्षण पर दिया जोर
मंत्री ने कहा कि ब्लॉक स्तर पर स्वच्छता, जल संरक्षण और अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में मॉडल तैयार किए जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर व्यवस्था स्थापित हो सके।उन्होंने 10 सूत्रीय मांगपत्र पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि सभी मांगों का परीक्षण कराया जाएगा और जनहित से जुड़ी मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।कार्यशाला में संयुक्त निदेशक एसएन सिंह, ब्लॉक प्रमुख संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष यशवंत सिंह, महामंत्री त्रिपुर मिश्रा सहित प्रदेशभर से आए क्षेत्र पंचायत प्रमुख मौजूद रहे।

