बलरामपुर। घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी का एक बड़ा मामला सामने आया है। कोतवाली देहात पुलिस ने यादव भारत गैस एजेंसी से जुड़े दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। इन पर मृत उपभोक्ताओं के गैस कनेक्शन का दुरुपयोग कर फर्जी मोबाइल नंबर लिंक करने और अवैध रूप से सिलेंडर सप्लाई करने का आरोप है।इस मामले का खुलासा हरिहरगंज बाजार निवासी अरसद अली की शिकायत के बाद हुआ। अरसद अली ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपने दिवंगत पिता मोहम्मद जलील के नाम पर आवंटित गैस कनेक्शन को अपने नाम स्थानांतरित कराने के लिए एजेंसी में आवेदन किया था।हालांकि, एजेंसी कर्मचारियों ने कथित तौर पर धोखाधड़ी कर किसी अन्य व्यक्ति का मोबाइल नंबर कनेक्शन से लिंक कर दिया और उसी नंबर पर गैस सिलेंडरों की बुकिंग व डिलीवरी शुरू कर दी।कोतवाली देहात पुलिस की प्रारंभिक जांच में अरसद अली के आरोप सही पाए गए। इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला पूर्ति अधिकारी ने विस्तृत जांच कराई।
मोबाइल नंबर बदलकर करते थे फर्जी डिलीवरी
जांच में पता चला कि मेसर्स यादव भारत गैस ग्रामीण वितरक, सेखुई कला के प्रोपराइटर दिनेश यादव, प्रबंधक आलोक यादव और अन्य कर्मचारियों की मिलीभगत से मृत उपभोक्ताओं के गैस कनेक्शनों का दुरुपयोग कर अवैध रूप से सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही थी। इस संबंध में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 और बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।विवेचना के दौरान पुलिस ने एजेंसी कर्मचारी अजय वर्मा और रूपेश वर्मा को गिरफ्तार किया।
अवैध डिलीवरी का पर्दाफाश
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि वे गैस की कमी और बढ़ती मांग का फायदा उठाकर एजेंसी से सिलेंडरों की कालाबाजारी करते थे।आरोपियों ने खुलासा किया कि हरिहरगंज निवासी हिमांशु कसौधन से 800 रुपये लेकर मृत उपभोक्ता मोहम्मद जलील की पासबुक पर कंप्यूटर के माध्यम से मोबाइल नंबर बदल दिया गया था। इसके बाद ओटीपी सत्यापन कर फर्जी तरीके से सिलेंडर उपलब्ध कराए गए। आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने इसी तरह कई गैस पासबुकों में मोबाइल नंबर बदलकर अवैध आपूर्ति की है।पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक गिरजेश तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की।

