गोंडा । जिले में भीषण गर्मी का असर अब विद्युत ट्रांसफार्मर और उपकरणों पर भी दिखने लगा है और अधिक लोड और अत्यधिक तापमान के कारण विद्युत उपकेंद्रों पर लगे ट्रांसफार्मर बार-बार हीट होकर बंद हो रहे हैं। इससे बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है और कर्मचारियों को इन्हें ठंडा करने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।जिले के कई विद्युत उपकेंद्रों पर, विशेषकर 10 KVA ट्रांसफार्मर को ठंडा करने के लिए मोटर पंप से पानी डाला जा रहा है और पंखों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। जिन उपकेंद्र पर मोटर पंप नहीं लगा है वहां पर बाल्टी के माध्यम से पानी डालकर के विद्युत ट्रांसफार्मर ठंड किया जा रहा है।
ओवरलोड और गर्मी से तपे ट्रांसफार्मर
मसकनवा विद्युत उपकेंद्र से ऐसी ही एक तस्वीर सामने आई है, जहां एक कर्मचारी दिन में चार से पांच बार मोटर पंप के जरिए ट्रांसफार्मर पर पानी डालकर उसे ठंडा कर रहा है। यह प्रक्रिया सुचारु बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अपनाई जा रही है।बार-बार विद्युत ट्रांसफार्मर के बंद होने के चलते मसकनवा बाजार सहित काफी गांव के लोगों को बिजली सही से नहीं मिल पाती है जिसके चलते लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। कुछ ऐसी ही तस्वीर कल गोंडा के अंबेडकर चौराहे से सामने आई थी जहां पंखा लगा करके विद्रोह ट्रांसफार्मर को ठंड करने का काम किया था तो वहीं आज यहां पर पानी डालकर ठंड किया जा रहा है।
मोटर पंप से हो रही कूलिंग
वहीं गोंडा बिजली विभाग के मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने बताया कि अधिक लोड और भीषण गर्मी के कारण ट्रांसफार्मर ज्यादा गर्म हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन्हें ठंडा करने के लिए कर्मचारी पानी डाल रहे हैं और कई जगहों पर पंखे भी लगाए गए हैं।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रांसफार्मर के ऊपर कोई अन्य उपकरण नहीं लगाया जा सकता, इसलिए फिलहाल इन्हीं तरीकों से उन्हें ठंडा रखा जा रहा है। अनावश्यक बिजली न खर्च करने को लेकर के लोगों को अपील भी की जा रही है लेकिन फिर भी लोग नहीं मान रहे है।

