गोंडा।
लंबे समय से अव्यवस्थाओं और खराब स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चर्चा में रहे मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अब व्यवस्थाएं पटरी पर लाने का दावा किया है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि मरीजों को बेहतर इलाज और जरूरी सुविधाएं देने के लिए कई स्तर पर सुधार कार्य कराए गए हैं। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि पीआईसीयू में लगे सभी पांचों वेंटिलेटर अब पूरी तरह चालू कर दिए गए हैं।
मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य प्रो. (डॉ.) बीना सिंह ने बताया कि पिछले दिनों वेंटिलेटर और ऑक्सीजन सप्लाई को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद तकनीकी टीमों की मदद से मशीनों की मरम्मत और ऑक्सीजन लाइन की जांच कराई गई। अब पीआईसीयू में भर्ती गंभीर मरीजों को पर्याप्त ऑक्सीजन प्रेशर मिल रहा है, जिससे इलाज में आसानी होगी।
पीआईसीयू में पांचों वेंटिलेटर हुए चालू
उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज परिसर में लगे सभी ऑक्सीजन प्लांट भी सुचारु रूप से काम कर रहे हैं। ऑक्सीजन सप्लाई लाइन की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी तरह की दिक्कत आने पर तुरंत समाधान किया जा सके। प्रशासन का कहना है कि गंभीर मरीजों को निर्बाध ऑक्सीजन मिलना उनकी प्राथमिकता है।
अस्पताल प्रशासन ने बर्न वार्ड को भी नए और अधिक व्यवस्थित स्थान पर शिफ्ट किया है। इससे झुलसे मरीजों के इलाज में सुविधा होगी और डॉक्टरों को भी बेहतर तरीके से उपचार करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा कोविड भवन स्थित मेडिकल वार्ड और आर्थो वार्ड में भी साफ-सफाई, बिजली, पंखे और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं ठीक कराई गई हैं।
वार्डों में बिजली-पानी और कूलर की सुविधा दुरुस्त
भीषण गर्मी को देखते हुए अस्पताल परिसर में खराब पड़े कूलर, पंखे और वाटर कूलर भी दुरुस्त कराए गए हैं। मरीजों और तीमारदारों को ठंडा पानी मिल सके, इसके लिए विशेष व्यवस्था की गई है। वार्डों में गर्मी से राहत देने के लिए अतिरिक्त ध्यान दिया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार मोर्चरी, डायलिसिस सेंटर और स्टाफ क्वार्टर के आसपास लंबे समय से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को भी चालू करा दिया गया है। रात के समय रोशनी की बेहतर व्यवस्था होने से मरीजों और तीमारदारों को राहत मिलेगी। वहीं इमरजेंसी गेट की व्यवस्थाओं में भी सुधार किया गया है ताकि गंभीर मरीजों को तुरंत इलाज मिल सके।
प्राचार्य प्रो. (डॉ.) बीना सिंह ने कहा कि अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं को भी चरणबद्ध तरीके से बेहतर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कई अन्य सुधार कार्य भी जारी हैं, जिनकी जानकारी जल्द साझा की जाएगी।

