बलरामपुर। उतरौला क्षेत्र के बभनी बुजुर्ग (अहिरौला) गांव में धनराज मौर्य की मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता और अधिकारियों के दौरे के बावजूद गांव में न्याय की मांग को लेकर जनभावनाएं उफान पर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके लिए सबसे बड़ा मुद्दा धनराज मौर्य को न्याय दिलाना और दोषियों को कठोर दंड दिलाना है। शनिवार को जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन, पुलिस अधीक्षक विकास कुमार और विधायक राम प्रताप वर्मा पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। इस दौरान प्रशासन ने मृतक की मां को तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की, लेकिन परिजनों और ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया कि उनकी प्राथमिकता आर्थिक मदद नहीं बल्कि न्याय है। ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए फांसी की सजा, परिवार की सुरक्षा और पर्याप्त मुआवजे की मांग उठाई। कुछ लोगों ने आरोपियों की संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई की भी मांग की।
एक मौत ने गांव को झकझोरा, महिलाओं ने भी संभाला मोर्चा
घटना के बाद गांव में बड़ी संख्या में महिलाएं भी न्याय की मांग को लेकर सड़क पर उतर आईं। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने प्रशासन से सवाल किया कि यदि समय रहते विवाद पर प्रभावी कार्रवाई होती तो शायद यह घटना टाली जा सकती थी। ग्रामीणों का कहना है कि धनराज मौर्य की मौत केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं बल्कि पूरे गांव के लिए गहरा सदमा है। इसी कारण गांव के विभिन्न वर्गों के लोग एकजुट होकर न्याय की मांग कर रहे हैं।
परिवार ने जताई सुरक्षा की चिंता
पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के बाद भी उन्हें समझौते के लिए दबाव और धमकियां मिल रही हैं। परिजनों ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
सात आरोपी जेल भेजे गए, गांव में सुरक्षा कड़ी
पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। साथ ही गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर हालात पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और कानून के अनुसार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि पीड़ित परिवार और ग्रामीणों का कहना है कि उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक उन्हें न्याय मिलता दिखाई नहीं देता।धनराज मौर्य हत्याकांड अब केवल एक आपराधिक घटना नहीं रह गया है, बल्कि यह ग्रामीणों के लिए न्याय, सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिनों में जांच और न्यायिक प्रक्रिया की दिशा पर पूरे क्षेत्र की नजर बनी रहेगी।
