बलरामपुर। मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को जारी ध्वस्तीकरण नोटिस के विरोध में कांग्रेस ने मंगलवार को प्रदर्शन कर राज्य और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और उत्तरौला विधानसभा के पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी हसीब खान समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने विश्वविद्यालय पर प्रस्तावित कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया और सरकार से नोटिस वापस लेने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि कार्रवाई वापस नहीं ली गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
‘यह शिक्षा का मंदिर है, राजनीति का अखाड़ा नहीं’
सभा को संबोधित करते हुए हसीब खान ने कहा कि मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय वर्ष 2006 से संचालित हो रहा है और यहां सभी धर्मों के छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उनका कहना था कि इस संस्थान को राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया जा रहा है, जबकि इसे शिक्षा के केंद्र के रूप में देखा जाना चाहिए।
पेपर लीक को लेकर सरकार पर साधा निशाना
हसीब खान ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार पेपर लीक की घटनाओं से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों से शिक्षा व्यवस्था कमजोर हो रही है। उनका कहना था कि एक ओर विश्वविद्यालय पर कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में सरकारी स्कूलों की संख्या लगातार घट रही है। इससे गरीब और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जौहर विश्वविद्यालय के खिलाफ कार्रवाई वापस नहीं ली गई और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार ने सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो पार्टी सड़क से लेकर सदन तक लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष को और तेज करेगी।

