कानपुर।
अधिवक्ताओं ने जिला जज के खिलाफ आरपार की लड़ाई का एलान कर दिया है। बार एसोसिएशन हॉल में हुई अधिवक्ताओं को आमसभा में स्थानांतरण न होने तक जिला जज की कोर्ट का बहिष्कार करने का फैसला लिया गया है। फैसले में बार और लॉयर्स दोनों एसोसिएशन साथ हैं। गुरुवार को अधिवक्ताओं द्वारा कोर्ट के बाहर नजर रखी जा रही है कि कोई अधिवक्ता कोर्ट के न्यायिक कार्य तो नहीं कर रहा है।बहिष्कार से पहले बार और लॉयर्स एसोसिएशन ने बुधवार को आमसभा बुलाकर जिला जज सत्येंद्र जैन की कोर्ट का बहिष्कार करने का एलान किया था। अधिवक्ताओं का आरोप है कि जिला जज अधिवक्ताओं के साथ अपमानजनक व्यवहार करते हैं। हालांकि अन्य कोर्ट में अधिवक्ता कार्य करते रहेंगे।
अधिवक्ताओं की आम सभा में पहले ही चेतावनी दी जा चुकी है कि जिला जज की कोर्ट में कोई भी अधिवक्ता न्यायिक कार्य के लिए गया तो उसका मुंह काला किया जाएगा। बार और लॉयर्स से सदस्यता रद करने के साथ 5 हजार रुपए जुर्माना भी वसूला जाएगा।
बार एसोसिएशन अध्यक्ष नरेश त्रिपाठी ने बताया कि अधिवक्ता जिला जज की अदालत में न्यायिक कार्य नहीं करेंगे। मुकदमों में तारीख लेने भी नहीं जाएंगे। ई-कोर्ट के माध्यम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये भी काम नहीं करेंगे। जिला जज के विरोध में बार और लॉयर्स एसोसिएशन एक साथ आ गए हैं।
यूपी बार काउंसिल के सदस्य अंकज मिश्रा ने कहा कि अगर एसोसिएशन के फैसले के विरूद्ध कोई भी जाएगा तो ऐसे अधिवक्ता का बार काउंसिल से पंजीकरण भी रद किया जा सकता है। लॉयर्स एसोसिएशन के महामंत्री शरद कुमार शुक्ला ने बताया कि अधिवक्ताओं के प्रति एसडीएम कोर्ट का रवैया भी ठीक नहीं है। आगे भी एसडीएम कोर्ट का बहिष्कार जारी रहेगा।

