बलरामपुर
बलरामपुर कृषि विभाग के गोदाम प्रभारी ने विभागीय अधिकारियों पर जातीय आधार पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए नदी में कूद कर आत्महत्या की धमकी दी है। गोदाम प्रभारी का राप्ती नदी पर खड़े होकर बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। गोदाम प्रभारी हरैया विकास खंड में कृषि विभाग के गोदाम प्रभारी के पद पर तैनात है । गोदाम प्रभारी का वीडियो वायरल होते ही विभाग में हड़कंप मच गया और गोदाम प्रभारी के निलंबन कार्यवाही को वापस ले लिया गया है। गोदाम प्रभारी सुनील कुमार के इस वायरल वीडियो में आरोप लगाया गया है की छोटी जाति होने के कारण उप निदेशक प्रभाकर सिंह व अन्य तीन कर्मचारियों द्वारा अत्याचार एवम उत्पीड़न किया जा रहा है और उसे गंदी गंदी गालियां दी जा रही है । गोदाम प्रभारी का वायरल वीडियो में आरोप है की पंकज सिंह नामक एक चतुर्थ कर्मचारी है जो पिछले 15 वर्षों से यहां तैनात है, लेकिन पंकज सिंह ड्यूटी पर न आकर उनके स्थान पर एक दूसरे व्यक्ति द्वारा काम किया जाता है और पंकज सिंह का फर्जी साइन बना कर वेतन निकाला जाता है। गोदाम प्रभारी का आरोप है की चतुर्थ कर्मचारी पंकज सिंह कभी ड्यूटी पर नहीं आते ऐसे में उनका वेतन निकालने के लिए दबाव बनाया जाता है और वेतन न निकालने पर उसका उत्पीड़न किया जाता है और गन्दी गन्दी गालियां दी जाती है। गोदाम प्रभारी का वायरल वीडियो में आरोप है असंवैधनिक कार्य न करने पर बिना कोई कारण या बिना कोई नोटिस उसे निलंबित किया गया है। वायरल वीडियो में सुनील कुमार ने कहा है कि अगर उसकी मौत होती है तो उसकी मौत के जिम्मेदार कृषि उप निदेशक प्रभाकर सिंह , एडीओ, एजी शिवरतन , संतोष वर्मा , और पंकज सिंह होंगे। गोदाम प्रभारी का वीडियो वायरल होते ही विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में सुनील कुमार का निलंबन कार्रवाई वापस ले लिया गया है। कृषि उप निदेशक प्रभाकर सिंह ने गोदाम प्रभारी के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है की गोदाम प्रभारी द्वारा निलंबन कार्रवाई पर दबाव बनाने के लिए वीडियो बना कर वायरल किया गया है। गोदाम प्रभारी के निलंबन को वापस कर लिया गया है और विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी ।