सद्भावना आवाज़
बलरामपुर
बलरामपुर जिला मुख्यालय से लगे ग्राम भनौरा में 143 एकड़ गोचर भूमि को लोगों के नाम कराकर भू-माफिया ने कई नेताओं, अफसरों और कलेक्टर के स्टेनो पुत्र सहित कइयों को फर्जी सेटलमेंट लगाकर बेच दिया। इस पर कलेक्टर आर एक्का ने जांच कमेटी गठित की है। इसकी शिकायत सरगुजा आयुक्त से आरटीआई कार्यकर्ता और अधिवक्ता डीके सोनी ने की है। इसमें बताया है कि गोचर भूमि में कलेक्टर के स्टेनो, ठेकेदार, नेता और एक अधिकारी का मकान बना हुआ है। दोषी व्यक्तियों के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार करने के संबंध में अपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के साथ सभी विक्रय पत्र को शून्य घोषित करने और भूमि को शासन के पक्ष में राजस्व पत्रों में दर्ज कराने की मांग की गई है।
भनौरा की गोचर भूमि जिसका पुराना खसरा नंबर 93 रकबा 143. 23 एकड़ भूमि है, जो साजन और दीपक राम पिता बंसी अगरिया, बाबूलाल पिता रामदेनी भुइयां, पचाठ व जक्लू पिता लालदेव भुईयां, पवन पिता तेजन भुईयां व रामविलास पिता रामजतन भुइयां के पूर्वजों के नाम पर थी, जिसे रामविलास पिता रामजतन के नाम पर वर्ष 1990-91 में वन विस्थापन के संबंध में वन विभाग द्वारा अलग से खसरा नंबर क्रमांक 520, 521, 522, 523, 525, 526 आवंटित कर पट्टा प्रदान किया गया। भूमि खसरा नंबर 520, 521, 522, 523, 525, 526 का बंदोबस्त वर्ष 1996-97 में नया खसरा नंबर बनाया गया।
अरविंद गुप्ता, मदन गुप्ता, महमूद अंसारी, बीनू गुप्ता, राकेश, सुषमा प्रजापति, कलेक्टर स्टेनो, अजय गुप्ता, सुभाष गुप्ता, राधा गुप्ता, रूपा गुप्ता, शीला गुप्ता, संजीव गुप्ता, राधिका गुप्ता, सुरेंद्र गुप्ता, विनोद गुप्ता, रामविलास, सुनीता गुप्ता, अर्जुन प्रसाद, सलीम, रशीद, सरस्वती, किरण, रंजीत गुप्ता, राजेंद्र, मनोज, रीमा गुप्ता, रमेश गुप्ता, प्रभा देवी, सरिता देवी, श्रवण सोनी, संगीता देवी, अनीता यादव, बसंती देवी, श्यामलाल गुप्ता, पंकज गुप्ता, नीलम पटवा, शांति देवी, बाबूलाल, निरंजन मंडल, राजेंद्र, संदीप गुप्ता, दीपू कुमार, अशोक गुप्ता, पूनम देवी पिता रामलाल, श्यामलाल कुमार पिता छुनेश्वर, अनीता, चंदन गुप्ता, ललन यादव, दीप कुमार गुप्ता को जमीन बेची गई है।
कुछ लोगों को टारगेट कर कार्रवाई की जा रही वन व्यवस्थापन के तहत प्राप्त पट्टे की भूमि को साजन, दीपक राम, बाबूलाल भुइयां, रामलाल पिता रामदेनी भुइयां, पचाठ और अन्य ने भूमि को बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति प्राप्त किए दूसरे जाति के लोगों को फर्जी सेटलमेंट लगाकर अरविंद गुप्ता, मदन गुप्ता, महमूद अंसारी, वीनू गुप्ता, राकेश, सहित अन्य को बेच दिया। अब 143 एकड़ गोचर मद जमीन बिक्री की जांच को प्रभावशाली व्यक्तियों को बचाने का षड़यंत्र करते हुए सिर्फ 12 से 15 लोगों को टारगेट करते हुए द्वेष पूर्ण जांच कर कार्रवाई की जा रही है। जांच टीम की गई है गठित: कलेक्टर आर एक्का ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए कमेटी बनाई गई है। जांच टीम रजिस्ट्री के दस्तावेज और सेटलमेंट की जांच करेगी। इसके बाद जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई की जाएगी।