सद्भावना आवाज़
दुर्गेश जायसवाल (संवाददाता)
गोण्डा।
देश में बढ़ रही बेतहाशा मंहगाई का असर घरेलू उपयोगी रोजमर्रा की सभी वस्तुओं, कपड़े, पढ़ाई-लिखाई, दवाई सहित सब्जियों की फुटकर दुकानों पर देखने को मिल रहा है। जिससे आमजनता को गृहस्थी का खर्च उठाना काफी मुश्किल हो रहा है और उन पर मंहगाई का भारी बोझ पड़ रहा है। कस्बों व ग्रामीण क्षेत्रों के बाजार में इन दिनों हरी सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं।
फुटकर दुकानों पर टमाटर 150-180 रूपये प्रति किलो तो हरी मिर्च 120-130 रूपये, अदरक 250- 260 रूपये तो कुंदरू भी 50 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गया है। इसके अलावा भिंडी, बैंगन,करेला सहित अन्य हरी सब्जियों के दाम 50-60 रुपये किलो से कम नहीं हैं। इससे ना केवल गरीब व मध्यम वर्ग के लोगों की थाली से सब्जियां गायब होने लगी हैं। सब्जियों के दाम काफी बढ़ने से कई फुटकर विक्रेताओं ने दुकानें बंद कर दी हैं। मानसून आते ही हरी सब्जियों ने महंगाई की तरफ रुख कर दिया है। भारी बारिश के चलते टमाटर की लाली तेज हो गई है।
टमाटर फुटकर में 150 से 180 रुपये प्रति किलो तक बेचा जा रहा है,जबकि अप्रैल और मई महीने में स्थानीय टमाटर का भाव 20 रुपये किलो पर बना हुआ था। हरी सब्जियों में लौकी, करैला,भिंडी,बैंगन,लोबिया,तरोई आदि सभी सब्जियां महंगी हो गई हैं। वहीं अदरक, हरी धनिया और मिर्च के दाम में भी काफी उछाल आया है। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि बरसात के समय स्थानीय किसान धान की रोपाई करने में व्यस्त हैं,जिससे सब्जियां मंडी में आवक कम है।
इस समय बाजार में सब्जियां महंगी बिक रही हैं। ठेले पर हरी सब्जियां लादकर मुहल्ले-मुहल्ले घूमकर बेंचने वाले फुटकर सब्जी विक्रेताओं ने कहा कि महंगाई के कारण लोग हरी सब्जियां एक किलो की जगह अब एक पाव से आधा किलो खरीद रहे हैं। इसी कारण हम भी एक किलो के भाव की जगह एक पाव का ही रेट ग्राहकों को बताते हैं ताकि लोग खरीद सकें। पाव का रेट बताने से ग्राहकों को सुनने में भारी नहीं लगता है। वैसे भी अब उन्हें किलो दो किलो लेना भी नहीं होता है। ऐसे में गरीब व मध्यम वर्ग के लोगों को गृहस्थी का खर्च उठाना काफी मुश्किल हो रहा है और उन पर मंहगाई का भारी बोझ पड़ रहा है।
थाली से सब्जियां होने लगी गायब, गृहस्थी पर महंगाई की मार, फुटकर भाव सब्जी दाम
- टमाटर 150-180
- अदरक 250
- लहसुन 120-140
- हरी मिर्च 120-130
- आलू 20-25
- लोबिया 70-80
- तरोई 50-60
- लौकी 40-50
- बैंगन 40-50
- परवल 70-80
- भिंडी 50-60
- पालक 80-100
- करैला 50-60
- प्याज 20-30

