बलरामपुर। जनपद में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने की। कार्यक्रम में जिले की सभी ब्लॉक चिकित्सा इकाइयों से जुड़े स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रतिभाग कर टीकाकरण अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने की रणनीति पर चर्चा की।
कार्यशाला के दौरान नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई तथा यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि जिले का कोई भी बच्चा और गर्भवती महिला टीकाकरण से वंचित न रह जाए। इस दौरान छूटे हुए लाभार्थियों की पहचान, माइक्रोप्लानिंग, ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में टीकाकरण सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, जनजागरूकता अभियान को मजबूत करने तथा फील्ड स्तर पर आ रही चुनौतियों के समाधान को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने बनाई रणनीति
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने सभी चिकित्सा इकाइयों को निर्देशित करते हुए कहा कि नियमित टीकाकरण सत्रों का प्रभावी संचालन प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि टीकाकरण बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य सुरक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से आपसी समन्वय बनाकर कार्य करने तथा प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का आह्वान किया।कार्यशाला में जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अजय कुमार शुक्ला ने टीकाकरण कार्यक्रम की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी।

दूरस्थ गांवों तक पहुंचेगा टीकाकरण
उन्होंने फील्ड स्तर पर बेहतर मॉनिटरिंग, नियमित समीक्षा एवं डाटा प्रबंधन को अभियान की सफलता के लिए आवश्यक बताया। वहीं एसीएमओ डॉ. बी. पी. सिंह, डॉ. अनिल कुमार चौधरी एवं डॉ. मीनाक्षी चौधरी ने भी कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए अपने सुझाव साझा किए।इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा, सुशील श्रीवास्तव, अमित श्रीवास्तव सहित जनपद की समस्त ब्लॉक चिकित्सा इकाइयों के अधीक्षक, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, बीपीएम, बीसीपीएम तथा अन्य स्वास्थ्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यशाला के अंत में टीकाकरण कार्यक्रम को जन-जन तक पहुंचाने और शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने का संकल्प लिया गया।

