बलरामपुर । बेसिक शिक्षा विभाग की भर्ती प्रक्रिया के दौरान नौकरी दिलाने और नियुक्ति पत्र जारी कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से पैसे मांगने का मामला सामने आया है। थाना कोतवाली देहात पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी भर्ती प्रक्रिया में सत्यापन का काम कर रहे थे और इसी का फायदा उठाकर चयनित अभ्यर्थियों को फोन कर नौकरी पक्की कराने के नाम पर रकम मांग रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। जानकारी के मुताबिक 23 मई को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय बलरामपुर को एक शिकायत पत्र मिला था। शिकायतकर्ता कामता प्रसाद ने बताया कि ECC Educater पद के लिए उनका चयन दक्षता परीक्षण हेतु हुआ था। दक्षता परीक्षण 27 अप्रैल को हुआ था।
ECC Educater भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा
आरोप है कि पिछले कई दिनों से उनके पास लगातार फोन आ रहे थे और कहा जा रहा था कि अगर नियुक्ति पत्र चाहिए तो पैसे देने होंगे। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय और प्रभारी निरीक्षक गिरिजेश तिवारी के नेतृत्व में टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों जितेन्द्र यादव निवासी पचपेड़वा बलरामपुर और आयुष सिंह निवासी लखनऊ को गिरफ्तार कर लिया।
भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का खुलासा
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि वे लखनऊ की एक Ex-serviceman संस्था में काम करते हैं। इसी संस्था को बेसिक शिक्षा विभाग में ECC Educater पदों पर भर्ती प्रक्रिया के लिए अधिकृत किया गया था। दोनों को बलरामपुर में अभ्यर्थियों के सत्यापन की जिम्मेदारी दी गई थी। आरोपियों ने स्वीकार किया कि सत्यापन की आड़ में चयनित अभ्यर्थियों को फोन कर चयन सुनिश्चित कराने और नौकरी दिलाने के नाम पर पैसों की मांग की जाती थी।
सत्यापन कर्मियों ने मांगे पैसे
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने अमित गुप्ता और जान्ह्वी नाम के अभ्यर्थियों से ऑनलाइन 20-20 हजार रुपये भी लिए थे। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस मामले में और कितने लोग शामिल हैं तथा कितने अभ्यर्थियों से वसूली की गई है।इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक श्रवण चन्द्र सिंह, उपनिरीक्षक राहुल कुमार भारती और कांस्टेबल राज चौधरी शामिल रहे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय भेज दिया है और मामले की आगे की जांच जारी है।

