सद्भावना आवाज़
बलरामपुर
संसदीय क्षेत्र बलरामपुर से दो बार समाजवादी पार्टी के सांसद रहे रिजवान जहीर को 23 साल पुराने मामले में अदालत से बड़ी राहत मिली है। जिले की सीनियर डिविजन फास्ट ट्रैक कोर्ट की अदालत ने उन्हें आत्महत्या के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया है।पूर्व सांसद रिजावन जहीर के अधिवक्ता केजी श्रीवास्तव ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि 28 अगस्त 2000 को उतरौला कोतवाली में तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक हीरा सिंह द्वारा सांसद रिजवान जहीर के खिलाफ आईपीसी की धारा 309 के तहत आत्महत्या के प्रयास का मुकदमा पंजीकृत कराया था। इसमें सांसद रिजवान जहीर ने पुलिसिया उत्पीड़न के विरोध में भूख हड़लात करने पर पुलिस द्वारा भूख हड़ताल को अवैध करार दिया एवं हड़ताल को भूख हड़ताल के बहाने आत्महत्या करने का प्रयास बताया था।
विवेचना उप निरीक्षक सीबी उपाध्याय, अशोक कुमार एवं चंद्र शेखर सिंह भदौरिया द्वारा की गई और आरोप पत्र दाखिल किया गया। मुकदमें का परीक्षण उतरौला न्यायलय में शुरू हुआ, लेकिन बाद में एमपी-एमएलए कोर्ट सीजेएम और बाद में ये मुकदमा सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट में विचाराधीन था। उन्होंने बताया कि आज जिले के सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट की अदालत के न्यायधीश अतुल कुमार नायक ने दोनों पक्षों के गवाह और बयान सुनने के बाद पूर्व सांसद रिजवान जहीर पर लगाए गए सारे आरोप बेबुनियाद पाए गए और पूर्व सांसद के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य न मिलने के आधार पर उन्हें दोष मुक्त दिया गया है।