लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) ने बीटेक तीसरे वर्ष के छठे सेमेस्टर की परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक होने के बाद परीक्षा रद कर दी है। मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। सोमवार को रिपोर्ट आने के बाद परीक्षा निरस्त करने पर फैसला लिया गया। अब निरस्त की गई 5 जून को होगी।जानकारी के मुताबिक गुरुवार को परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले नोएडा के एक कॉलेज की आईडी से प्रश्न पत्र डाउनलोड कर उसे वायरल किए जाने की शिकायत सामने आई थी। इस मामले में नोएडा साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई गई थी।AKTU प्रशासन के अनुसार गठित जांच समिति में IET लखनऊ के निदेशक प्रो.वीरेन्द्र पाठक, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज बिजनौर के निदेशक प्रो. नीलेंद्र और नेताजी सुभाषचंद्र बोस तकनीकी विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के वरिष्ठ प्रोफेसर विजयंता अग्रवाल शामिल हैं। समिति कुलपति प्रो. राजीव कुमार की अध्यक्षता में जांच कर रही है।विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि परीक्षा शुरू होने से करीब 12 घंटे पहले प्रश्न पत्र ईआरपी पोर्टल के माध्यम से कॉलेजों को भेजा जाता है।
5 जून को दोबारा होगा एग्जाम
परीक्षा केंद्रों के अधीक्षकों के पास आईडी और पासवर्ड उपलब्ध होते हैं, जिससे वे परीक्षा से कुछ समय पहले प्रश्न पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।बताया जा रहा है कि गुरुवार को दोपहर 2 बजे परीक्षा प्रस्तावित थी, लेकिन 1:28 बजे से ही प्रश्न पत्र कॉलेजों को दिखाई देने लगा। इसके एक मिनट बाद यानी 1:29 बजे इसे डाउनलोड कर प्रसारित कर दिया गया। वायरल प्रश्न पत्र पर संबंधित कॉलेज का वॉटरमार्क भी मिला है।वहीं, गाजियाबाद के एक परीक्षा केंद्र पर कुछ परीक्षार्थियों के पास ऐसी पर्चियां भी मिलीं, जिनमें परीक्षा में पूछे गए सवालों के उत्तर लिखे थे।
जांच टीम की रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई
इससे आशंका जताई जा रही है कि नोएडा क्षेत्र के कई छात्रों तक परीक्षा से पहले ही पेपर पहुंच गया था। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. दीपक नटरिया ने कहा कि समिति पूरे मामले की जांच कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद छात्रों के हित में उचित निर्णय लिया जाएगा।21 मई को बीटेक कंप्यूटर साइंस छठे सेमेस्टर के छात्रों की कंप्यूटर नेटवर्क विषय की परीक्षा आयोजित की गई थी। नोएडा के एक परीक्षा केंद्र पर चेकिंग के दौरान छात्रों के पास से नकल की पर्चियां बरामद हुईं। जांच में सामने आया कि इन पर्चियों में लिखे जवाब उन्हीं सवालों के थे, जो उसी दिन के प्रश्नपत्र में पूछे गए थे।

