एम एल के पी जी कॉलेज सभागार में 51वीं यूपी बटालियन एनसीसी बलरामपुर, स्वास्थ्य विभाग और महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में तम्बाकू नियंत्रण पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान तम्बाकू से होने वाले नुकसान को लेकर कैडेटों को जागरूक किया गया और उन्हें तम्बाकू नियंत्रण के लिए संकल्प दिलाया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल अरविन्द प्रताप सिंह पटवाल, महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो0 जे पी पाण्डेय और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने संयुक्त रूप से किया।बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल पटवाल ने इस अवसर पर कहा कि तम्बाकू का सेवन सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है, जो हर साल एक मिलियन से ज्यादा लोगों की जान लेता है। उन्होंने बताया कि दुनिया भर में लगभग 1.1 बिलियन धूम्रपान करने वाले लोग हैं, जिनमें से अधिकतर निम्न और मध्यम आय वाले देशों में रहते हैं। भारत सरकार ने तम्बाकू नियंत्रण के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम शामिल है।
कैडेटों को दिलाया गया संकल्प
प्राचार्य प्रो0 जे पी पाण्डेय ने तम्बाकू के हानिकारक प्रभावों पर चर्चा करते हुए कहा कि तम्बाकू में मौजूद निकोटीन अत्यधिक नशे की लत है, जो हृदय और श्वसन संबंधी बीमारियों, कैंसर और कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनता है।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने तम्बाकू से होने वाले स्वास्थ्य नुकसान पर विस्तार से जानकारी दी और कैडेटों को तम्बाकू से दूर रहने का संकल्प दिलवाया।इस कार्यक्रम में एसीएमओ डॉ. संतोष श्रीवास्तव ने सघन टीबी अभियान के बारे में भी जानकारी दी और तम्बाकू नियंत्रण के बचाव उपायों को साझा किया।
उत्कृष्ट सेवा के लिए मिला पुरस्कार
कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के सार्जेंट दुर्गेश कुमार और सीएमएस की सना को उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए पुरस्कृत किया गया।कार्यक्रम में बटालियन और स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारीगण भी उपस्थित रहे। जिनमें लेफ्टिनेंट डॉ. देवेन्द्र कुमार चौहान, लेफ्टिनेंट मदन लाल, 3rd ऑफिसर रत्नेश सिंह, 3rd ऑफिसर आनंद चौधरी, सीटीओ वंदना पाण्डेय, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अजय कुमार शुक्ला और जिला कार्यक्रम प्रबंधक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन शिवेंद्र मणि त्रिपाठी प्रमुख थे।