बहराइच। सम्भल के नेजा मेले पर रोक के बाद अब बहराइच में गाजी की दरगाह पर लगने वाले मेले को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य अंजु प्रजापति ने महिला जनसुनवाई दिवस के दौरान गाजी की दरगाह को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक साक्ष्यों के अनुसार जहां गाजी की दरगाह स्थित है, वहां पहले सूर्य मंदिर था। उन्होंने जिला प्रशासन से इस मामले की जांच के लिए एसआईटी (विशेष जांच टीम) के गठन की मांग की है और मेले पर रोक लगाने की सलाह दी है।
लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन में आयोजित महिला जनसुनवाई दिवस के अवसर पर अंजु प्रजापति ने महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की सुनवाई की। उन्होंने थाना विशेश्वरगंज, फखरपुर, कैसरगंज, हुजूरपुर और सुजौली की महिलाओं से जुड़े मामलों पर संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि महिलाओं की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
“जहां दरगाह है, वहां सूर्य मंदिर था” – अंजु प्रजापति
महिला जनसुनवाई के बाद अंजु प्रजापति ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इतिहास और पुराणों के अनुसार गाजी की दरगाह का स्थान पहले सूर्य मंदिर का स्थल था। उन्होंने कहा कि सम्भल प्रशासन ने नेजा मेले पर रोक लगाकर सराहनीय कदम उठाया है, जिससे बहराइच प्रशासन को भी सीख लेनी चाहिए। प्रजापति ने सुझाव दिया कि इस ऐतिहासिक तथ्य की पुष्टि के लिए एसआईटी का गठन किया जाए और मेले पर स्थायी रोक लगाई जाए।
गाजी की दरगाह के इतिहास की जांच की मांग
अंजु प्रजापति ने कहा कि वे स्वयं इस मामले को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में लाएंगी और एसआईटी जांच की मांग करेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला उत्पीड़न और धार्मिक स्थलों से जुड़े विवादों पर निष्पक्ष और पारदर्शी जांच जरूरी है। इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी विनोद राय, महिला थाना अध्यक्ष मंजू यादव, प्रभारी एंटी रोमियो उ.नि. आरती वर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।