बलरामपुर। ECCE एजुकेटर भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर विवादों में घिर गई है। एक महिला अभ्यर्थी ने डीएम से शिकायत कर भर्ती में धांधली का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि चयन के लिए 90 हजार रुपए मांगे गए और पैसे न देने पर उन्हें चयन सूची से बाहर कर दिया गया।ग्राम कोडरी निवासी रोशनी मिश्रा ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उन्होंने ECCE एजुकेटर पद के लिए आवेदन किया था। रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के तहत उनका अभिलेख सत्यापन 24 मार्च 2026 को विकास भवन सभागार में हुआ था। इसके बाद 27 अप्रैल 2026 को मुख्य विकास अधिकारी ने उनका साक्षात्कार लिया था।
अभ्यर्थी बोलीं- सीट पक्की करने के लिए मांगे 90 हजार
रोशनी मिश्रा के अनुसार, साक्षात्कार के कुछ दिनों बाद उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर (8795213314) से कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी कंपनी का कर्मचारी बताया। जब उनके पति ने उस नंबर पर बात की, तो कथित कर्मचारी ने कहा कि “सेवायोजन पर कोई भी भर्ती बिना पैसे के नहीं होती।”आरोप है कि उस व्यक्ति ने सीट ‘बुक’ कराने के लिए ऑनलाइन टोकन मनी जमा करने को कहा और चयन सुनिश्चित करने के लिए 90 हजार रुपये की मांग की। उसने यह भी कहा कि “बिना पैसे के कुछ नहीं होगा, वरना इधर-उधर भटकते रहोगे।”
‘सेवायोजन में बिना पैसे कुछ नहीं होता’
कथित कर्मचारी ने 20 से 25 मई के बीच जॉइनिंग कराने का भरोसा भी दिया था। हालांकि, रोशनी मिश्रा ने अपनी आर्थिक स्थिति ठीक न होने का हवाला देते हुए पैसे देने से इनकार कर दिया। इसके बाद 24 मई 2026 को जारी अंतिम चयन सूची में उनका नाम नहीं था।रोशनी मिश्रा ने बताया कि स्नातक में 60 प्रतिशत से अधिक अंक होने के बावजूद उनका चयन नहीं हुआ। अंतिम चयन सूची में 110 अभ्यर्थियों में से केवल 36 का ही चयन हुआ है, जिससे भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

