बलरामपुर । भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर अनुभवी कार्यकर्ता डी.पी. सिंह बैस पर भरोसा जताते हुए उन्हें लगातार 12वीं बार जिला मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी है। इस फैसले के बाद पार्टी संगठन और कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है और इसे उनके लंबे समर्पण का सम्मान माना जा रहा है।डी.पी. सिंह बैस वर्ष 1990 से भाजपा से जुड़े हुए हैं और उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत जमीनी स्तर से की। छात्र राजनीति में सक्रिय रहते हुए वे छात्रसंघ के महामंत्री रहे और इसके बाद विभिन्न छात्र, युवा और सामाजिक संगठनों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। संगठन में उन्होंने धीरे-धीरे अपनी मजबूत पहचान बनाई, जो आज भी कायम है।
कई अहम पदों पर निभाई जिम्मेदारी
भाजपा में शामिल होने के बाद डी.पी. सिंह बैस ने भाजयुमो नगर अध्यक्ष, जिला मंत्री, दो बार जिला महामंत्री (गोंडा-बलरामपुर), प्रदेश कार्यसमिति सदस्य और जिला संयोजक जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। जिले के विभाजन के दौरान उन्होंने संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई, जिससे उन्हें एक अनुभवी और भरोसेमंद कार्यकर्ता के रूप में पहचान मिली।
संघर्ष और समर्पण की मिसाल रहे बैस
डी.पी. सिंह बैस का संगठनात्मक जीवन संघर्ष और समर्पण की मिसाल रहा है। उन्होंने ऐसे दौर में भी पार्टी के लिए काम किया, जब संसाधन सीमित थे। पैदल चलकर सूचना पहुंचाना, पोस्टर चिपकाना, दरी बिछाना और प्रदर्शन आयोजित करना जैसे कार्य उन्होंने खुद किए। कई बार भारी पुलिस बल के बीच भी उन्होंने पार्टी कार्यक्रमों का नेतृत्व किया और संगठन की आवाज को मजबूती से उठाया।
1997 से संभाल रहे मीडिया की जिम्मेदारी
वर्ष 1997 से लगातार मीडिया से जुड़े कार्यों को संभालते हुए डी.पी. सिंह बैस ने पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में पार्टी की मीडिया रणनीति मजबूत हुई है और डिजिटल के साथ-साथ पारंपरिक माध्यमों में भी संगठन की पकड़ मजबूत हुई है।
संगठन ने जताया भरोसा
लगातार 12वीं बार मीडिया प्रभारी बनाए जाने के बाद कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है। पार्टी नेताओं का कहना है कि डी.पी. सिंह बैस की कार्यकुशलता, अनुभव और समर्पण उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए सबसे उपयुक्त बनाता है।राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, किसी भी संगठन में एक ही व्यक्ति को लगातार इतनी बार अहम जिम्मेदारी देना उसकी विश्वसनीयता और मजबूत नेतृत्व का संकेत होता है। संगठन को उम्मीद है कि बैस आगे भी इसी ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे।

