भीषण ठंड से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है, लेकिन बलरामपुर के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिले के 11 कस्तूरबा स्कूलों में छात्राओं को ठंड से बचाने के पर्याप्त संसाधन नहीं हैं, जिससे हालात गंभीर हो गए हैं। इसको लेकर कस्तूरबा स्कूलों के शिक्षक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी पवन कुमार अग्रवाल, बेसिक शिक्षा अधिकारी शुभम शुक्ला, और भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह से मुलाकात कर शीतकालीन अवकाश की मांग की है।
ठंड से बेहाल छात्राएं, संसाधन अपर्याप्त
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि पहाड़ी और तराई क्षेत्र में संचालित इन विद्यालयों में ठंड से छात्राएं प्रभावित हो रही हैं। धूप नहीं निकलने के कारण छात्राओं के कपड़े सूख नहीं रहे हैं, और विद्यालय में मौजूद संसाधन भी ठंड से निपटने के लिए नाकाफी साबित हो रहे हैं।
अन्य जिलों में घोषित हो चुका है अवकाश
शिक्षकों ने कहा कि प्रदेश के कई जिलों जैसे मैनपुरी, शाहजहांपुर, हापुड़ और श्रावस्ती में कस्तूरबा विद्यालयों के लिए 14 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश घोषित किया जा चुका है। बलरामपुर में भी इसी प्रकार का निर्णय लिया जाना चाहिए।
अधिकारियों ने दिया आश्वासन
बेसिक शिक्षा अधिकारी शुभम शुक्ला ने बताया कि परिषदीय स्कूलों सहित कई मान्यता प्राप्त विद्यालयों में 31 दिसंबर से 14 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश घोषित कर दिया गया है। कस्तूरबा विद्यालयों को लेकर जिलाधिकारी से विचार-विमर्श के बाद जल्द निर्णय लिया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल ने रखा मांग पत्र
शिक्षक प्रतिनिधिमंडल, जिसमें अर्चना पांडे, दीपक यादव, अनवर जहां, मोहम्मद अकील, रिचा शुक्ला, दीप माला और परवीन फातमा शामिल थे, ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उनका कहना है कि अगर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो छात्राओं की सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।अधिकारियों ने भरोसा दिया है कि ठंड के प्रकोप को देखते हुए जल्द ही कस्तूरबा विद्यालयों में शीतकालीन अवकाश पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। वहीं, शिक्षक प्रतिनिधिमंडल ने इसे छात्राओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए जरूरी कदम बताया।