बलरामपुर। पायनियर पब्लिक स्कूल एंड कॉलेज, बलरामपुर में वार्षिक परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर अभिभावकों और विद्यार्थियों को उनकी परीक्षा की कॉपियां दिखाई गईं, जिससे वे अपनी गलतियों को पहचान सकें और उनमें सुधार कर सकें।कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रबंध निदेशक डॉ. एम.पी. तिवारी ने कहा कि शिक्षा समाज के विकास का आधार है और स्कूल इसमें अहम भूमिका निभाते हैं। इस कार्यक्रम का मकसद अभिभावकों को बच्चों की शैक्षणिक प्रगति से अवगत कराना और विद्यार्थियों को अपनी कमजोरियों को पहचानने का मौका देना था।शिक्षकों ने सभी कक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं की समीक्षा की और तय तारीख पर अभिभावकों और विद्यार्थियों को दिखाया। उन्होंने हर विद्यार्थी की कॉपी को विस्तार से समझाया और उन्हें सुधार के सुझाव दिए।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने भाग लिया। उन्होंने अपने बच्चों की उत्तर पुस्तिकाओं को देखा और शिक्षकों से उनके प्रदर्शन के बारे में चर्चा की। इससे अभिभावकों को अपने बच्चों की कमजोरियों और खूबियों को समझने का मौका मिला।
विद्यार्थियों को मिला सुधार का मौका
उत्तर पुस्तिकाएं देखने से विद्यार्थियों को अपनी गलतियों को समझने और अगली परीक्षा में बेहतर करने का अवसर मिला। इससे उनकी उत्तर लेखन शैली और समय प्रबंधन कौशल में भी सुधार हुआ।डॉ. एम.पी. तिवारी ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच मजबूत संवाद स्थापित होता है। इससे बच्चों को पढ़ाई में सुधार करने और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है।इस मौके पर विद्यालय की उप प्रधानाचार्या शिखा पाण्डेय, राघवेन्द्र त्रिपाठी और अन्य शिक्षक मौजूद रहे।