बलरामपुर। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने गुरुवार को विकास खंड बलरामपुर सदर का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। निरीक्षण के दौरान अभिलेखों की अव्यवस्था, निर्माण कार्यों में सुस्ती और मनरेगा में लापरवाही पर डीएम ने सख्त रुख अपनाया और मौके पर ही कड़े निर्देश जारी किए।डीएम ने विभिन्न पटलों पर रखे रजिस्टरों की जांच करते हुए सभी अभिलेख नियमित रूप से अद्यतन रखने के निर्देश दिए। साथ ही वर्षों पुरानी और निष्प्रयोज फाइलों को समयबद्ध तरीके से बीड आउट कर कार्यालय को व्यवस्थित रखने को कहा।पेंशन योजनाओं की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने साफ कहा कि ऑनलाइन प्राप्त सभी आवेदनों का निस्तारण तय समयसीमा में किया जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर लाभ मिल सके।
अभिलेखों की गड़बड़ी पर फटकार
विकास खंड परिसर में संचालित आधार केंद्र का निरीक्षण कर डीएम ने सेवाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश भी दिए।मनरेगा सेल के निरीक्षण में डीएम ने कन्वर्जेंस से बनाए जा रहे नए आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्यों में धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। अभिलेखों के रखरखाव और कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर मनरेगा के लेखा सहायक और कंप्यूटर ऑपरेटर की संविदा समाप्त करने के निर्देश दिए गए। साथ ही नए कर्मियों की नियुक्ति करने को कहा गया। डीएम ने सभी ग्राम सचिवों को निर्देशित किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों और अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण कार्य तय समयसीमा में हर हाल में पूरा कराया जाए।

अंगनबाड़ी निर्माण तय समय में पूरा हो
सहायक विकास अधिकारी पटल के निरीक्षण के दौरान डीएम ने विशेष अभियान चलाकर परिवार रजिस्टर अद्यतन करने और प्रत्येक परिवार को उसकी नकल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए उन्होंने जीरो पेंडेंसी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।इसके अलावा विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत चल रही नोटिस सुनवाई की प्रगति का भी जायजा लिया गया। डीएम ने अधिकारियों को पारदर्शी और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, जिला विकास अधिकारी, उपायुक्त मनरेगा समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि जनहित से जुड़ी योजनाओं में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

