बलरामपुर । असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (PM-SYM) पेंशन योजना को जनपद में व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जा रहा है। श्रम विभाग ने इस योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान तेज कर दिया है, ताकि अधिक से अधिक पात्र श्रमिक इसका लाभ उठा सकें।श्रम प्रवर्तन अधिकारी रिजवान खान ने बताया कि प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी सामाजिक सुरक्षा योजना है। इस योजना के अंतर्गत असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों को 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद न्यूनतम ₹3000 प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जाती है, जिससे उन्हें बुढ़ापे में आर्थिक संबल मिल सके।उन्होंने बताया कि इस योजना में 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के असंगठित श्रमिक नामांकन करा सकते हैं। पात्रता के लिए श्रमिक की मासिक आय ₹15,000 से कम होनी चाहिए और वह आयकरदाता नहीं होना चाहिए। पात्र श्रमिक नियमित अंशदान के माध्यम से भविष्य में पेंशन का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को मिलेगा सीधा लाभ
PM-SYM योजना के अंतर्गत रिक्शा चालक, ठेला और फेरी लगाने वाले, मोची, नाई, धोबी, माली, दर्जी, कूड़ा बीनने वाले, घरेलू कामगार, निर्माण श्रमिक, मजदूर, पशुपालक, दूध दुहने वाले, ईंट-भट्ठा मजदूर, दुकानों में कार्यरत श्रमिक, होटल और ढाबा कर्मी सहित असंगठित क्षेत्र के विभिन्न वर्गों के श्रमिक पात्र हैं। श्रम विभाग का उद्देश्य इन सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है।
ऑनलाइन और CSC के माध्यम से पंजीकरण की सुविधा
श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने बताया कि योजना के अंतर्गत पंजीकरण की प्रक्रिया सरल रखी गई है। श्रमिक अपने ई-श्रम कार्ड, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर के माध्यम से नजदीकी जनसेवा केंद्र (CSC) पर जाकर अथवा www.mandhan.in वेबसाइट के जरिए स्वयं ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए श्रमिक श्रम कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।श्रम विभाग का कहना है कि प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना असंगठित श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा का मजबूत कवच है। इस योजना के माध्यम से श्रमिकों को न केवल आर्थिक सुरक्षा मिलेगी, बल्कि उनका भविष्य भी सुरक्षित होगा। इसी उद्देश्य से जनपद में योजना का प्रचार-प्रसार लगातार तेज किया जा रहा है।

