गोंडा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ गोंडा पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल की लगातार कार्यवाही देखने को मिल रही है। बिना किसी मुकदमे के एक पीड़ित परिवार के घर दबिश देना मनकापुर कोतवाल को महंगा पड़ गया।गोंडा पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने क्षेत्राधिकारी मनकापुर द्वारा कराई गई जांच में प्रथम दृष्टया दोषी मिलने पर मनकापुर कोतवाल को निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं। गोंडा पुलिस अधीक्षक गणित जायसवाल की कार्यवाही से जिले में हड़कंप मचा हुआ है।दरअसल मनकापुर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत के रहने वाले दो पक्षों में विगत कई दिनों से पैसे के लेनदेन को लेकर के विवाद चल रहा था।
गंभीरता से जांच करते हुए रिपोर्ट देने के निर्देश
मनकापुर कोतवाल राजकुमार सरोज द्वारा एक पक्षीय कार्यवाही करते हुए दूसरे पक्ष के घर में शादी की रस्म के दौरान ही बिना किसी मुकदमे के पैसे के लेनदेन को दबिश देकर दूसरे पक्ष के लोगों का धारा 151 के तहत चालान कर दिया गया था, जिसको लेकर के दूसरे पक्ष के लोगों द्वारा मनकापुर तहसील में जाकर के जमानत कराई गई थी और पीड़ित परिवार ने गोंडा पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल को शिकायती पत्र देकर मनकापुर कोतवाली पुलिस द्वारा प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया था।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए क्षेत्राधिकारी मनकापुर राजेश सिंह को पूरे मामले की गंभीरता से जांच करते हुए रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए थे।
सीओ मनकापुर राजेश सिंह द्वारा दी गई जांच रिपोर्ट के आधार पर मनकापुर कोतवाल राजकुमार सरोज को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।वही एसपी ने बताया कि क्षेत्राधिकारी मनकापुर से कराई गई जांच में प्रभारी निरीक्षक मनकापुर के प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने व आम जनमानस में पुलिस की छवि धूमिल करने पर राज कुमार सरोज प्रभारी निरीक्षक थाना मनकापुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।