सद्भावना आवाज़
बलरामपुर
बलरामपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाने और नए पंख लगाने का बीड़ा उठाते हुए जिला प्रशासन ने भागीरथी प्रयास शुरू किया है। जिलाधिकारी द्वारा शासन को भेजे गए केजीएमयू सेटेलाइट सेंटर एवं जिला संयुक्त अस्पताल को मिलाकर मेडिकल कॉलेज खोले जाने का प्रस्ताव का असर दिखाई देने लगा है।
शासन द्वारा प्रस्ताव को सहमति दिए जाने के बाद जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को नई गति मिलेगी और बलरामपुर, श्रावस्ती तथा पड़ोसी देश नेपाल सहित करीब 40 लाख की आबादी को इसका भारी फायदा मिलेगा। जनपदवासियों को बेहतर चिकित्सीय सुविधा मिले इसके लिए जिलाधिकारी अरविंद सिंह द्वारा केजीएमयू के सटलाइट सेंटर के शीघ्र संचालन के लिए निरंतर समीक्षा की जा रही है। सटलाइट सेंटर का संचालन प्रारंभ किए जाने हेतु जिलाधिकारी द्वारा चिकित्सा शिक्षा विभाग एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से निरंतर पत्राचार एवं फॉलोअप किया जा रहा है।
शासन स्तर पर निरंतर फॉलोअप पर पिछले दिनों प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा अनिल कुमार एवं प्रमुख सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा 300 बेड के केजीएमयू सैटलाइट सेंटर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सभी व्यवस्थाओं पर संतुष्टि व्यक्त की। जिलाधिकारी द्वारा सैटलाइट सेंटर एवं कंबाइंड हॉस्पिटल को कनेक्ट करते हुए संचालित किए जाने की बात कही गई।
आईपीडी सेटलाइट सेंटर में एवं ओपीडी कंबाइंड हॉस्पिटल में देखा जायेगा। केजीएमयू सैटलाइट सेंटर को मेडिकल कॉलेज के रूप में उच्चीकृत किए जाने के लिए पुलिस लाइन के समीप 30 एकड़ की जमीन चिन्हित की गई है, जहां पर रेजिडेंशियल बिल्डिंग एवं एकेडमिक ब्लॉक का निर्माण दो वर्ष के भीतर पूर्ण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जनपद वासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले इसके लिए जिलाधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग निरंतर प्रयासरत है। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा हर बिंदुओं पर समीक्षा की जा रही है एवं हर संभव मदद उपलब्ध कराई जा रही है।
केजीएमयू के सेटेलाइट सेंटर के प्रारंभ हो जाने पर देश की आजादी के बाद से अब तक बीमार चल रही क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उम्मीद की नई किरण जगमगाने लगी है एवं बलरामपुर, श्रावस्ती, तथा पड़ोसी राष्ट नेपाल के लोगों को बड़ी सौगात एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधा की नई आस जगी है।