बलरामपुर। बलरामपुर स्थित पाॅयनियर पब्लिक स्कूल एण्ड काॅलेज में महान स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आज़ाद की स्मृति में शहीद दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक डॉ. एम.पी. तिवारी ने आज़ाद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद समस्त शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं ने भी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
चंद्रशेखर आज़ाद के संघर्षपूर्ण जीवन पर प्रकाश डाला
शहीद दिवस पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक डॉ. एम.पी. तिवारी ने चंद्रशेखर आज़ाद के संघर्षपूर्ण जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे बचपन से ही राष्ट्रभक्ति की भावना से ओत-प्रोत थे। उन्होंने 1920-21 के असहयोग आंदोलन में भाग लिया और अपने अटूट संकल्प के कारण “आज़ाद” के नाम से प्रसिद्ध हुए। 27 फरवरी 1931 को अल्फ्रेड पार्क, इलाहाबाद में अंग्रेजों से घिर जाने पर उन्होंने संकल्प अनुसार स्वयं को गोली मारकर मातृभूमि के प्रति अपने बलिदान की अमर गाथा लिखी।
इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा चंद्रशेखर आज़ाद के जीवन पर एक लघु नाटिका प्रस्तुत की गई, जिसमें अनुकृति, विराट, आराध्या, प्रथमेश, श्लोक (चंद्रशेखर आज़ाद) सहित कई विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में प्रधानाचार्या शिखा पांडेय, उप प्रधानाचार्य राघवेंद्र त्रिपाठी, ए.के. तिवारी, किरण मिश्रा, उर्वशी शुक्ला, लता श्रीवास्तव, हर्षित यादव सहित समस्त शिक्षकगण उपस्थित रहे।