अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि मंदिर में श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ ‘प्रतिष्ठा द्वादशी’ बुधवार को बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने अंग्रेजी नववर्ष 2026 की शुभकामना देते हुए प्रार्थना की कि यह साल सभी के लिए मंगलकारी रहे।
इस अवसर पर सीएम योगी ने अयोध्या के इतिहास और रामजन्मभूमि आंदोलन की महत्वपूर्ण घटनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि अयोध्या का नाम ही शौर्य और वैभव का प्रतीक है। “यहाँ कभी कोई दुश्मन टिक नहीं पाया, लेकिन कुछ लोगों ने अपने स्वार्थ, मजहबी जुनून और सत्ता के तुष्टिकरण में अयोध्या को उपद्रव और संघर्ष का अड्डा बना दिया था।”

सीएम ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय अयोध्या में आतंकवाद और हिंसा की घटनाएं होती थीं। उन्होंने 2005 का उदाहरण देते हुए बताया कि जब आतंकियों ने दुस्साहस किया, तब पीएसी के जवानों ने उन्हें तुरंत रोक दिया।
सीएम योगी ने तीन महत्वपूर्ण तिथियों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में इतिहास रचा गया। 5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री ने मंदिर का भूमि पूजन किया, 22 जनवरी 2024 को श्रीरामलला की भव्य मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा हुई और 25 नवंबर 2025 को मंदिर के मुख्य शिखर पर भगवा ध्वजा प्रतिष्ठित की गई।
सीएम ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में राजनाथ सिंह की प्रत्यक्ष भूमिका रही और उन्होंने इस आंदोलन में सक्रिय योगदान दिया। आज मंदिर के भव्य स्वरूप को देखकर हर कोई गौरव अनुभव करता है।

मुख्यमंत्री ने पिछले पांच वर्षों में अयोध्या में हुए विकास पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 2017 तक यहां बिजली, पानी, सड़क, सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं भी सीमित थीं। जयश्रीराम बोलने पर लोगों को लाठी और गिरफ्तारी का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब अयोध्या में देश-विदेश के श्रद्धालु आते हैं। पिछले पांच साल में 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालु अयोध्या दर्शन कर चुके हैं। अब शहर में फोरलेन सड़कें, बेहतर कनेक्टिविटी, अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और रेलवे डबल लाइन जैसी सुविधाएं हैं।
गोरक्षपीठाधीश्वर और सीएम योगी ने कहा कि अब देश में कहीं भी जयश्रीराम और राम-राम कहने में कोई रोक नहीं है। भारत सरकार की नई योजना ‘जी राम जी’ के नाम से रोजगार भी उपलब्ध कराएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में हर साल 125 दिन रोजगार की गारंटी दी जाएगी।
सीएम ने अयोध्या में रामभक्तों के संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि 1528 से लेकर 1992 और उसके बाद भी हर 20-25 साल में राम मंदिर को पुनः स्थापित करने के लिए रामभक्त संघर्षरत रहे। उन्होंने लाठी-गोली की परवाह नहीं की और संघर्ष में कभी रूके नहीं। इस आंदोलन को सफलता तब मिली जब आरएसएस ने नेतृत्व दिया और संतों को एक मंच पर लाया गया।

सीएम योगी ने कहा, “आज प्राण-प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूरे हो गए हैं। यह यात्रा का विराम नहीं बल्कि नई यात्रा की शुरुआत है। हमें अपनी विरासत पर गर्व करना चाहिए और अयोध्या को हर तरह से विकसित करना चाहिए।” उन्होंने सभी से आग्रह किया कि सनातन धर्म और देश की ध्वजा को ऊँचा उठाने के लिए सामूहिक प्रयास करें।
प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह में श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना की और भव्य भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लिया। अयोध्या में भक्तजन और श्रद्धालु इस अवसर पर विशेष रूप से जुटे रहे, और मंदिर परिसर में दिव्यता और भक्ति का माहौल बना रहा।



