बलरामपुर। लंबे समय से आयुर्वेदिक अस्पतालों में दवाओं की कमी के कारण मरीजों को बाहर से दवा लानी पड़ रही थी। अब जिले के सभी आयुर्वेदिक अस्पतालों में नौ प्रकार की दवाओं की आपूर्ति शुरू हो गई है। इसके बाद मरीज अस्पताल में ही अपना इलाज करवा सकेंगे और बाहरी खर्च की समस्या खत्म हो जाएगी।क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. दिग्विजय नाथ ने बताया कि कई महीनों से केंद्र सरकार की ओर से दवाओं की आपूर्ति बंद थी। इसके कारण अस्पतालों में मरीजों को आवश्यक दवा नहीं मिल पा रही थी। अब डिमांड के आधार पर दवाएं कार्यालय तक पहुंच गई हैं और जल्द ही सभी अस्पतालों में वितरण शुरू कर दिया जाएगा।
सरकारी अस्पतालों में दवाओं की पूरी रेंज
जिला कार्यक्रम प्रबंधक दुर्गेश चौधरी ने बताया कि उपलब्ध दवाओं में शामिल हैं – सिरप शरबत ए अंजबार (आंतरिक रक्तस्राव रोकने के लिए), कुर्स मुलायन (जोड़ों और सामान्य दर्द के लिए), अजमोदादी चूर्ण (गठिया और जोड़ दर्द में उपयोगी), संशमनी वटी (गिलोय घनवटी, बुखार के इलाज में), मजून ए दबीदुलवर्द (पाचन संबंधी समस्याओं में), शरबत बाजूरी मोटादिल (मूत्र रोग के इलाज के लिए), इत्रिफल किशनीजी (सर्दी-जुकाम, सिरदर्द, गैस और कब्ज में), जवारिश-ए-कमूनी (कमजोर पाचन, पेट दर्द, गैस, एसिडिटी में) और मजून ए चोबचिनी (बदन दर्द और वात रोगों में उपयोगी)।दुर्गेश चौधरी ने कहा कि इन दवाओं को सभी अस्पतालों में मांग के अनुसार वितरित किया जाएगा। अब मरीजों को अस्पताल में ही इलाज कराने की सुविधा मिलेगी और उन्हें बाहर से दवा लाने की जरूरत नहीं होगी।

