शनिवार की सुबह से ही जिले में आसमान में बादल छाए रहे, और रिमझिम फुहारों ने गलन को और बढ़ा दिया। यह फुहार जहां लोगों के लिए ठंडक लेकर आई, वहीं किसानों के लिए यह बारिश एक वरदान साबित हुई। हल्की बारिश ने फसलों को एक सिंचाई के बराबर पानी दिया, जिससे गेहूं की पैदावार में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।किसान रामचंद्र ने बताया कि यह हल्की बारिश उनके लिए संजीवनी के समान है, जिससे न केवल गेहूं की फसल को फायदा होगा, बल्कि अन्य फसलों के लिए भी यह लाभकारी है। छोटकन ने भी कहा कि यह बारिश किसानों के लिए ईश्वर का आशीर्वाद है और इससे अच्छी उपज की उम्मीद है।
गेहूं की फसल के लिए लाभकारी बारिश
पारे में अचानक आई गिरावट के कारण ठंड का प्रकोप बढ़ गया। लोग ठंड से बचने के लिए घरों में दुबक गए, और ज्यादातर बुजुर्ग मॉर्निंग वॉक पर नहीं गए। बच्चों ने भी घरों से बाहर न जाने का फैसला किया। इस बीच बाजारों में गर्म कपड़ों और हीटर की मांग बढ़ गई, और कई स्थानों पर लोग अलाव सेंकते हुए नजर आए।मौसम परिवर्तन से बच्चों और बुजुर्गों में बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। वहीं डॉ. मुकेश श्रीवास्तव ने कहा कि इस मौसम में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करें और यदि जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें।
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