केन्द्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जनपद बलरामपुर में 100 दिनों का विशेष जांच और उपचार कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य जिले को टीबी से मुक्त करना है और इसे सफल बनाने के लिए सभी स्तरों पर जागरूकता और निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पचपेड़वा में एक रैली का आयोजन किया गया, जिसमें स्वास्थ्यकर्मियों, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी सहायिकाओं और स्थानीय निवासियों ने भाग लिया। रैली का उद्देश्य जनसमूह को टीबी के बारे में जागरूक करना और उन्हें टीबी के लक्षणों की पहचान करने के लिए प्रेरित करना था। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने भी अभियान का निरीक्षण किया और कहा कि विशेष अभियान के तहत सभी स्वास्थ्यकर्मी और आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर टीबी के संभावित मरीजों की पहचान करेंगे।
जन जागरूकता अभियान की शुरुआत
सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बताया कि अभियान के तहत टीबी के मरीजों का नि:शुल्क इलाज किया जाएगा और उन्हें निःक्षय पोषण योजना के अंतर्गत प्रति माह 1000 रुपये की सहायता दी जाएगी। यह राशि मरीज के बैंक खाते में सीधे डाली जाएगी ताकि उनका पोषण बेहतर हो सके और उपचार में मदद मिल सके। साथ ही, धूम्रपान करने वाले और शराब के आदी व्यक्तियों की भी टीबी की जांच नि:शुल्क कराई जाएगी, विशेषकर 60 वर्ष से ऊपर के सभी व्यक्तियों की जांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर की जाएगी।इस कार्यक्रम में जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा, डीएमओ राजेश पाण्डेय, डॉ. विजय कुमार सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पचपेड़वा का स्टाफ भी मौजूद रहा।